पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • किसान: पंडाल लगाने कटवा दी फसल प्रशासन: हमने ऐसा कुछ भी नहीं किया

किसान: पंडाल लगाने कटवा दी फसल प्रशासन: हमने ऐसा कुछ भी नहीं किया

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
शेरपुर में प्रधानमंत्री के किसान महासम्मेलन कार्यक्रम को लेकर जहां तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर आयोजन स्थल को लेकर एक मामला सामने आया है। दरअसल दो किसानों ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि आयोजन के लिए जगह देने के लिए उसे समय से पहले ही अपनी गेहूं की फसल काटना पड़ी है। इससे उसे काफी नुकसान हुआ है। जबकि प्रशासन का कहना है कि हमने तो फसल काटने के लिए किसान से कहा ही नहीं, उसने अपनी मर्जी से ही फसल काटी है।

शेरपुर में सुरेंद्र परमार और कपिल परमार की जमीन उस स्थान से लगी हुई है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम रखा गया है। सुरेंद्र का कहना है कि कुछ दिन पहले उनके पास कुछ अधिकारी आए और उन्होंने एक फार्म पर हस्ताक्षर कराए। इसके बाद उन्होंने कहा कि अपने खेत से लगी फेंसिंग को हटा लो और फसल काट लो। बाद में हमने अपनी तैयारी की और समय से पहले ही फसल को काटना पड़ा। इससे काफी नुकसान हुआ है। सुरेंद्र परमार के पास साढ़े तीन एकड़ और कपिल की करीब ढाई एकड़ जमीन है। इसमें गेहूं की फसल लगी हुई थी। इन किसानों ने आरोप लगाया है कि अभी एक सप्ताह बाद फसल पकना था जिसे पहले ही काटना पड़ा।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम राशि में होगी एकरूपता
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना देश को समर्पित की है। इसे इस सीजन से लागू किया जा रहा है। यह योजना प्राकृतिक आपदा के समय किसानों के लिए काफी लाभदायक होगी। प्रीमियम की जो दरें रहेंगी उनमें एकरुपता रहेगी। 15 प्रतिशत तक प्रीमियम फसलों पर लगता था जो अब खरीफ के लिए 2 और रबी के लिए डेढ़ प्रतिशत ही लगेगा। दावे के भुगतान जो होते हैं वह अभी फसल कटाई के बाद नुकसान पर ही होते हैं तभी किसानों को लाभ मिलता था। इस योजना में अब खेत खलिहानों में रखी फसल के खराब होने पर भी किसानों को इस योजना में लाभ दिया जाएगा।

लोनिवि, कृषि मंत्री ने भी तैयारियाें का लिया जायजा
मंगलवार को सुबह के समय लोक निर्माण विभाग मंत्री सरताज सिंह और कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन शेरपुर पहुंचे। उनके साथ नगर पालिका सांसद प्रतिनिधि जसपाल सिंह अरोरा भी थे। उन्होंने यहां पर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर डॉ. सुदाम खाड़े, एसपी मनीष कपूरिया, एसडीएम नरोत्तम भार्गव, तहसीलदार संतोष मुगदल, विजेंद्र बिजोलिया आदि मौजूद थे।

कृषि और लोनिवि मंत्री भी कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे
किसान ने आरोप लगााया कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के लिए उसकी गेहूं की फसल को काट दिया गया।

मुख्यमंत्री ने यह विचार किया कि भोपाल में तो आयोजन होते रहते हैं लेकिन यह किसानों का कार्यक्रम है, इसलिए शेरपुर का चयन किया गया। किसी भी किसान से नहीं कहा गया है कि वह अपनी खड़ी फसलें काट दें। वह पकने के बाद ही फसलों को काटें। हमारे पास कार्यक्रम के लिए पर्याप्त जगह है। -गौरीशंकर बिसेन, कृषि मंत्री

कमिश्नर और भोपाल व होशंगाबाद के कलेक्टर भी पहुंचे
शेरपुर में किसान महासम्मेलन की तैयारियों को देखने कमिश्नर एसबी सिंह, भोपाल और होशंगाबाद संभाग के कलेक्टर भी यहां पर पहुंचे। कार्यक्रम स्थल पर बैठक हुई जिसमें सुरक्षा व्यवस्था, स्टेज निर्माण, बड़ी संख्या में आने वाले वाहनों की पार्किंग की जानकारी ली। इस मौके पर जरूरी निर्देश भी दिए गए।

आरोप लगाने वाले किसानों के पास 6 एकड़ जमीन
आरोप निराधार
कलेक्टर सुदाम खाड़े ने बताया कि आयोजन स्थल का जो रकबा है उसके अंदर कोई फसल नहीं है। जो किसान इस तरह का आरोप लगा रहा है वह निराधार है। उसकी जमीन का उपयोग नहीं किया गया है। न ही उससे किसी ने फसल काटने को कहा है। किसान ने खुद ही फसल काटी है।

खबरें और भी हैं...