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समस्या | नगर के विकास में बंद उद्योग बने बाधा, दो साल बाद भी नहीं शुरू हुआ काम

7 वर्ष पहले
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विकास की रफ्तार पर ब्रेक

नगरविकास की रफ्तार पर सालों पहले ब्रेक लगा तो उसके बाद गाड़ी पटरी पर ही नहीं लौट सकी। बीच में जरूर प्रयास हुआ। देश का पहला रेल इंजिन बनाने का कारखाना सीहोर में खोलने के लिए इसका शिलान्यास हुआ, लेकिन यह नहीं बन सका। आज हालत यह है कि एक तरफ जहां स्मार्ट सिटी बनाए जाने की कवायत चल रही है तो दूसरी तरफ पुराने उद्योगों को आज तक चालू नहीं कराया जा सका। कुछ दिन तक तो काम काफी रफ्तार से किए जा रहे थे लेकिन अचानक उनमें ब्रेक लग गया।

पिछले दिनों नगर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायत शुरु हुई। इसके लिए प्रशासन ने जमीन उपलब्ध कराने के लिए पांच हजार एकड़ जमीन को भी चिन्हित कर प्रस्ताव भेजा। बिलकीसगंज रोड पर यह जमीन चिन्हित की गई थी। इधर प्रशासन ने अतिक्रमा हटाते हुए सड़कों को चौड़ा किए जाने का काम शुरु कराया। यही नहीं नगर के कई मंदिरों का जीर्णोद्धार भी कराने के लिए काम शुरु कराए गए। इनमें से मनकामेश्वर मंदिर का काम तो पूरा भी हो गया। गणेश मंदिर पर काम चल रहे हैं। चौराहों के सौंदर्यीकरण के लिए प्रशासन ने समाजसेवियों का सहयोग लिया। इस तरह से करीब आधा दर्जन चौराहों का कायाकल्प हो गया। कुछ पर काम अभी भी चल रहा है। यह सब तो किया जाने लगा लेकिन विकास की रफ्तार बढ़ाने वाले उद्योगों की बुरी हालत आज भी बनी हुई है।

नहीं मिल पाई मांग के अनुसार जमीन

सबसेबड़ी बात यह है कि इस कारखाने के लिए जो डिमांड जमीन की गई थी वह उसे नहीं मिल सकी। कुछ जमीन तो दे दी गई लेकिन शेष बची जमीन का अभी तक फाइनल नहीं हो सका। यही कारण है कि जिला उद्योग केंद्र ने शेष जमीन देने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा लेकिन वहां से अभी तक कुछ नहीं हो सका। इसके चलते अभी तक कारखाना का काम भी शुरु नहीं हो सका।

दो साल बाद भी नहीं बना कारखाना

करीबदो साल पहले यहां रेल इंजिन कारखाने का निर्माण होना था। इसके लिए मुख्यमंत्री ने शिलान्यास किया था। डीजल इंजिन बनाने का यह पहला कारखाना बनना था। जब इसका शिलान्यास किया गया था तब काफी उम्मीदें जगी थीं। लोगों को भी लगा था कि अब नगर का विकास होगा। यहां के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा। हालांकि ऐसा नहीं हो सका। कारखाना सपना बनकर रह गया। इस कारखाने में स्थानीय लोगों को भी रोजगार देने की बात कही गई थी।

आधा दर्जन उद्योग हो चुके हैं बंद

नगरमुख्यालय की बात क