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सड़क पर उतरे वकील

7 वर्ष पहले
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बुधवारको शहर के अभिभाषक न्यायालयीन कार्य छोड़कर सड़क पर उतर आए और एसडीएम टीआई के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए पूरे शहर में घूमे। अभिभाषकों ने दोपहर के समय न्यायालय परिसर से एकत्रित होकर वाहन रैली निकाली। इसके वाद कोतवाली थाने के सामने पहुंचकर अभिभाषकों ने टीआई एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी की। यहां नारेबाजी के बाद सभी वकील बाजार में रैली निकाल नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे। यहां एसडीएम ऑफिस के गेट के सामने खड़े होकर भी वकीलों ने नारेबाजी की।

कुछ दिन पूर्व तहसील कार्यालय में वकालत करने वाले एक अभिभाषक दीनदयाल माहेश्वरी के खिलाफ एक शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अभिभाषक श्री माहेश्वरी के खिलाफ धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की थी। इसके बाद मामले में पुलिस ने आरोपी अभिभाषक को एसडीएम के समक्ष पेश किया तो एसडीएम ने उसे जेल भेज दिया। इसी बात से आक्रोशित अभिभाषकों ने बुधवार को न्यायालय में काम नहीं किया। दोपहर में सभी अभिभाषक रैली निकालकर सड़कों पर निकले और एसडीएम टीआई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन कराया।

नहींकरेंगे न्यायालयीन कार्य

बुधवारको सुबह से ही अभिभाषकों ने न्यायालयीन कार्य का बहिष्कार कर दिया। न्यायालय सहित एसडीएम तहसील के किसी भी न्यायालय में किसी अभिभाषक ने काम नहीं किया। अभिभाषक संघ के बैनर तले शहर के करीब 327 अभिभाषक इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष रामनारायण ताम्रकार ने बताया कि गुरुवार को भी अभिभाषक न्यायालयीन कार्य नहीं करेंगे।

आजदिया जाएगा ज्ञापन: बुधवारशाम को जिला मुख्यालय पर सभी अभिभाषकों की बैठक आयोजित की गई। इसके बाद अभिभाषकों ने निर्णय लिया कि सभी अभिभाषक गुरुवार दोपहर 12 बजे एकत्रित होकर कलेक्टोरेट पहुंचेंगे और एसडीएम टीआई के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के लिए ज्ञापन कलेक्टर सुदाम खाड़े को सौंपेंगे। अभिभाषकों का कहना है कि दोषी अधिकारियों को निलंबित किया जाए। अभिभाषक संघ ने सभी अभिभाषकों से उपस्थित होने की अपील की है।

आखिरकिस बात का है आक्रोश: जिलाअभिभाषक संघ अध्यक्ष श्री ताम्रकार ने बताया कि अमूमन धारा 151 के तहत दोनों पक्षों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाती है। लेकिन कोतवाली टीआई ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करते हुए सिर्फ साथी अभिभाषक के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। इसके साथ ही अभिभाषक सं