टूटे पुल से जेब पर बढ़ा बोझ
{पुल जर्जर होने के कारण पहले ही कर दिया था यातायात बंद
{इसके बाद तोड़ा गया पुल, फरवरी माह तक पुल के तैयार होने की संभावना
कार्यालयसंवाददाता | सीहोर
सीवननदी का पुल अब लोगों की मुसीबत बनता चला रहा है। हालत यह है कि खस्ताहाल इस पुल से आवागमन नहीं होने से अब लोगों के लिए यह आफत बनने लगा है। एक तो समय अधिक लग रहा है तो दूसरी तरफ ज्यादा खर्च को बोझ भी बढ़ गया है। कई किलोमीटर का अधिक सफर तय करने के लिए लोग अब परेशान होने लगे हैं।
सालों पुराने सीवन नदी पर बने पुल पर जब दरारें गईं तो इसके निर्माण के लिए हरी झंडी दे दी गई। पुल को उसी स्थान पर बनाया जाना था जिस कारण पुराने पुल को ताेड़ना पड़ा और इसकी जगह नया पुल बनाए जाने को हरी झंडी दी गई। इसके बाद जब काम शुरु हुआ तो इस तरफ से आवगमन भी बंद हो गया। पुल के गिरा दिए जाने से अब लोगों को इंदौर नाका से होते हुए कस्बा बकरी पुल होते हुए मेन राेड तक पहुंंचना पड़ रहा है। इस कारण वाहन चालकों की दुर्दशा होने लगी। सबसे अधिक परेशानी दांगी स्टेट, गुलाब विहार, पारस बाटिका, बरियाखेड़ी, काेलीपुरा क्षेत्र, श्मशान घाट क्षेत्र, इंदिरा कॉलाेनी, इंदौर नाका क्षेत्र, आरएके कॉलेज कॉलोनी में रहने वालों को सबसे अधिक परेशानी होने लगी।
हरमाह खर्च करना पड़ रही अतिरिक्त राशि
सीवननदी के पुल टूटे होने के कारण लोगों की हालत खराब होने लगी। हर माह आने-जाने पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार एक दोपहिया वाहन चालक यदि हर रोज दो बार किसी काम से बाजार तरफ जाता है तो उसे हर माह एक से दो हजार रुपए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहे हैं। करीब तीन किलोमीटर लंबा मार्ग तय करने में जहां समय की बर्बादी हो रही है वहीं पेट्रोल पर भी अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
सीवन नदी पुल टूटने के बाद अब लगता है अधिक समय
^पहलेसीवन नदी पर पुल था तो बस स्टैंड तक जाने में तीन से चार मिनट लगते थे। अब पूरे दस मिनट लग जाते हैं। इसी के साथ पहले की तुलना में अधिक पेट्रेाल भी खर्च होता है। इस समस्या से सभी लोग परेशान हैं। इसलिए जरूरी है कि समय पर पुल का निर्माण करा दिया जाए। संजयसिंह, गुलाबबिहार कॉलोनी
पुल नहीं होने से समय और धन की बर्बादी
^कोलीपुराक्षेत्र में साड़ी की दुकान है। हर रोज कईयों बार गंगा आश्रम से इंदौर नाका से कोलीपुरा तक जाना पड़ता है। इसमें करीब दो ली