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श्राद्ध पक्ष में प्रभावित हुआ बाजार

7 वर्ष पहले
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किरानाबाजार 50 प्रतिशत

ऑटो मोबाइल 70 प्रतिशत

कपड़ा बाजार 80 प्रतिशत

सराफा बाजार 80 प्रतिशत

कार्यालय संवाददाता | सीहोर

श्राद्धपक्ष के इन दिनों को कड़वे दिन भी कहते हैं। इसका असर बाजार पर भी पड़ता है। इस कारण इस समय बाजार में पूरी तरह से सन्नाटा फैला हुआ है। नए सामान की खरीददारी में लोग कम ही दिलचस्पी ले रहे हैं। इसकी वजह से बाजार में चहल-पहल भी कम ही नजर रही है।

श्राद्ध पक्ष के चलते बाजार में सन्नाटा छाया हुआ है। इस पक्ष में लोग बहुत कम खरीदी करते हैं। इस पक्ष में कोई भी शुभ कार्य वर्जित माना जाता है। इसी मान्यता के चलते आमजन खरीदी से मुंह मोड़ रहे हैं।

श्राद्ध पक्ष पितरों, दिवंगतों, पूर्वजों की श्रद्धा का पर्व है। ज्योतिष विज्ञान और भविष्य वक्ताओं के अनुसार इन दिनों में कुछ करने की समझाईश दी जाती है। शहर में पितृपक्ष के 16 दिनों में करीब 7 से 8 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित होगा।

यहहै बाजार की हालत

ऑटोमोबाइल , इलेक्ट्रॉनिक, सोना-चांदी, बर्तन, कपड़ा और मोटर्स कारोबार 60 से लेकर 80 प्रतिशत तक प्रभावित है। उपभोक्ता इस व्यवसाय से जुड़े संस्थाओं पर बुकिंग करवाने में भी कतरा रहे हैं।

थोककिराना बाजार भी अछूता नहीं

शहरमें सबसे बड़ा थोक किराना बाजार भी श्राद्ध के दिनों में मंदी की मार झेल रहा है। इन दिनों 40 से 60 प्रतिशत तक व्यवसाय प्रभावित होता है। सोयाबीन की फसल भी खराब होने का असर भी बाजार पर दिखाई दे रहा है।

नवरात्रमें होगी रौनक : श्राद्धपक्ष के साथ-साथ इन दिनों सोयाबीन की फसल भी कमजोर होने के कारण भी बाजार में मंदी छाई हुई है। बाजार में चहल-पहल कम होने की यह भी एक मुख्य वजह है। ऐसे में अब बाजार को नवरात्र से ही उम्मीद नजर रही है। व्यापारियों का मानना है कि श्राद्ध पक्ष के बाद नवरात्र में बाजार जोर पकड़ेगा। इस बार सोयाबीन की फसल देरी से आएगी।