फिर बिगड़ी सब्जी मंडी की व्यवस्था
पुरानी सब्जी मंडी में फिर से व्यवस्था बिगड़ चुकी है। पूर्व में यहां शेड के नीचे ओटलों पर बैठक सब्जी व्यापारियों को दुकानदारी करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब हालत जस की तस है। सड़कों तक दुकानें लग जाती हैं। ऐसे में यहां से निकल पाना भी मुश्किल होता है।
उल्लेखनीय है कि लाल मस्जिद से नमक चौराहा तक सड़क पहले से ही संकरी है। इस सड़क पर ट्रैफिक भी अधिक रहता है। ऐसे में सब्जी मंडी के बाहर सब्जी व्यापारी सड़क पर ही अपनी दुकानदारी लगा लेते हैं। बची हुई जगह हाथ ठेले घेर लेते हैं। ऐसे में यहां से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। यदि कोई वाहन इस रास्ते पर जाए तो जाम लगना पक्का है। कई बार तो स्थिति यह रहती है कि लोग पैदल भी नहीं निकल पाते हैं। बावजूद इसके अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गुरुवार को सड़क के दोनों ओर दुकानें लगी हुई थीं।
दिनभरलगता रहा जाम : नमकचौराहा से मुख्य पोस्ट ऑफिस जाने वाले मार्ग पर गुरुवार को बार-बार जाम की स्थिति बनी। सड़कों के दोनों ओर सब्जी की दुकानें लगी थीं। हाथ ठेले भी खड़े थे। इसके बाद जो कमी बच गई थी वह चार पहिया वाहन पूरी कर रहे थे। जैसे ही चार पहिया वाहन इस रास्ते से गुजरे तो जाम लग गया। यह क्रम दिनभर चला। लोग परेशान होते रहे लेकिन व्यवस्था नहीं बन सकी।
गंदगीसे भी परेशानी : सब्जीमंडी में गंदगी से भी लोग परेशान हो रहे हैं। अधिकांश दुकानदार खराब सब्जी यहीं फैंक जाते हैं। इससे यहां मवेशी भी लोगों को परेशान करते हैं। शेष खराब सब्जी यहीं पड़ी हुई गंदगी बढ़ाती है। पानी की निकासी नहीं होने और साफ-सफाई के अभाव में यहां पर लोगों की काफी दिक्कत होती है।
जगहपड़ रही है कम : अबसब्जी मंडी में जगह का अभाव होने लगा है। कई लोगों को दुकानें लगाने के लिए यहां पर जगह नहीं मिल पा रही है। इस कारण वह इधर-उधर दुकानें लगाने को मजबूर हैं। यही कारण है कि बाजार में व्यवस्था बिगड़ने लगी है। एक तरफ प्रशासन सुधार के काम कर रहा है तो दूसरी तरफ मनमर्जी भारी पड़ रही है।
सीहोर. इस तरह से सड़क पर हाथ ठेले खड़े होने से रास्ता सकरा हो जाता है।