टाइम के बाद काम कराने पर घर छोड़ने की हो व्यवस्था
शासकीय कार्य के लिए ऑफिस टाइम के बाद यदि किसी महिला कर्मचारी को कार्यालय में रोका जाता है तो काम पूरा होने के बाद उन्हें घर तक छोड़ने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग प्रमुख की होगी।
इस संबंध उप सचिव मध्यप्रदेश शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। उप सचिव डॉ. अमिताभ अवस्थी ने एक आदेश जारी किया है। इसमें निर्देशित किया गया है कि जिन महिला शासकीय कर्मचारियों को जरूरी शासकीय कार्य से कार्यालय समय के बाद काम करने के लिए रोका जाता है तो उन महिला कर्मचारियों को घर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इन महिलाओं को कार्यालय से घर छोड़ने के लिए संबंधित अधिकारी को वाहन की व्यवस्था कराना होगी। यह आदेश सभी अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव और शासन के समस्त विभागों के प्रमुखों को जारी किया गया है।
जिले में कितनी हैं
महिला कर्मचारी
जिले की बात करें तो सभी शासकीय विभागों में महिला कर्मचारियों की संख्या 5500 के करीब है। इनमें से केवल शिक्षा विभाग में ही 3 हजार 500 महिला कर्मचारी पदस्थ हैं। इसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं की संख्या करीब 2400 है। स्वास्थ्य विभाग में एएनएम और एमपीडब्ल्यू भी हैं जिनकी संख्या 500 के करीब है।
स्वास्थ्य विभाग में करना पड़ती है कई बार अतिरिक्त समय में ड्यूटी
स्वास्थ्य विभाग ही ऐसा है जहां पर महिला कर्मचारियों को निर्धारित से अधिक समय तक कई बार काम करना पड़ता है। यहां पर शिफ्टों में काम होता है। इस कारण परेशानी होती है।