परिंदों ने शुरू की अठखेलियां
नाले को पानी से भर देने पर आसपास के क्षेत्रों को काफी फायदा मिलता है। यहां के पेयजल स्रोत रिचार्ज हो जाते हैं। इससे गर्मी के समय लोगों को काफी राहत मिलती है। हर साल इस नाले में तालाब के पानी को लिफ्ट किया जाता है।
इस स्थान पर मूर्ति विसर्जन किया जाता है। पिछले साल से प्रशासन ने यहां पर गणेशोत्सव और दुर्गा उत्सव के समय विसर्जन के लिए इस स्थल का चयन किया है, इसलिए यहीं पर प्रतिमाओं को विसर्जित किया जाता है। इस स्थान को लबालब भरा जाता है।
सीहोर|बस स्टैंड के पास स्थित टाउन हाल के पास बने सूखे नाले को भगवानपुरा तालाब से पानी डालकर भर दिया है। इस नाले के लबालब भर जाने से अब यहां पर कई तरह के पक्षी आने लगे हैं। यह काफी मनोहारी लग रहा है।