नारी तभी सशक्त जब वह अपने गुणों को जाने
बुधवार को बेटी बचाओ सशक्त बनाओ अभियान के तहत प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय ने नगर के उत्कृष्ट स्कूल एवं महेश्वरी भवन में कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान मुंबई से आई ब्रह्मकुमारी सुनीता बहन ने बताया कि नारी सशक्तिकरण तभी हो सकता है जब वह अपने अंदर के गुणों को जाने। तुम पुत्र व पुत्री को समान दृष्टि से देखो। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को वही संस्कार दें जो आप अपने प्रति चाहते हैं।
ग्वालियर से आईं ब्रह्मकुमारी ज्योति बहन ने बताया कि बेटी को कभी भी बोझ न मानें। वह अपने भाग्य को साथ में लेकर आती है। माता-पिता तो सिर्फ जन्म देते हैं। महाराष्ट्र की प्रिया बहन ने बताया कि यह मात्र ऐसी संस्था है जो महिलाओं के माध्यम से संचालित की जाती है। वहीं उपस्थित लोगों को जानकारी दी कि बेटी को सम्मान दिया जाए और उनके लिए दृष्टि अभद्र न हो। इसी क्रम में सागर की बहन नीलम कुमारी ने कहा कि बेटी को शिक्षा दें, सम्मान करें और हर कार्य के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करें, तभी वह सशक्त हो सकती है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नपाध्यक्ष अमिता जसपाल अरोरा, आरएके कॉलेज की डीन एसबी तांबी, सुरेश पांचाल, संदीप मीना आदि उपस्थित थीं। आभार ब्रह्मकुमारी पंचशील सेवा केंद्र प्रभारी बहन कुसुम ने माना।
बुधवार को बेटी बचाओ सशक्त बनाओ अभियान का कार्यक्रम ब्रम्हाकुमारी इश्वरीय विवि ने आयोजित किया।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि एक कन्या की हत्या से कई रिश्तों का अंत होता है। इसके साथ ही कहा कि उसके जन्म से कई रिश्तों को जन्म मिलता है। इसमें पुत्री, बहन, प|ी, मित्र, मां आदि रिश्तों को मजबूती मिलती है।
एक कन्या से जुड़े कई संबंध
कार्यक्रम