प्रेक्टिकल दे पाए, परीक्षा दे पाएंगे
शासकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की दो छात्राओं को प्रबंधन ने कम उपस्थिति के कारण परीक्षा में शामिल होने से वंचित कर दिया है। पिछले दिनों इन छात्राओं को प्रेक्टिकल परीक्षा में भी शामिल नहीं होने दिया था। कलेक्टोरेट में छात्राओं की शिकायत के बाद गुरुवार को नायब तहसीलदार मामले की जांच करने आईटीआई पहुंची। यहां छात्राओं ने उन्हें अपनी परेशानी बताई।
महिला आईटीआई में इछावर से आने वाली रितु वर्मा और बसकन्या का पिछले दिनों शिक्षिका से किसी बात को लेकर बहस हो गई थी। इसके बाद से ही शिक्षिका ने इनकी उपस्थिति लगाना बंद कर दी थी। ऐसे में दोनों ही छात्राओं की उपस्थिति 80 फीसदी से कम है। ऐसी स्थिति में अब प्रबंधन ने इन छात्राओं को परीक्षा में शामिल होने से मना कर दिया। उन्होंने नायब तहसीलदार प्रियंका नेताम को बताया कि इछावर से आने की वजह से हमें आइटीआई आने में कुछ देर हो जाती है। हम नियमित रूप से आते हैं, लेकिन हमें जान-बूझकर अनुपस्थित कर दिया गया और अब उपस्थिति कम दर्शाकर प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल करने से इंकार किया जा रहा है। दोनों ही छात्राएं कोपा पाठ्यक्रम में अध्ययन कर रही हैं। छात्राओं ने जिला प्रशासन से सेमेस्टर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दिलाने की मांग की है। मामले में गुरुवार को नायब तहसीलदार सुश्री नेताम ने छात्राओं के साथ-साथ संस्था प्रबंधन और शिक्षकों के कथन दर्ज किए हैं।
परीक्षाके लिए कम है उपस्थिति : महिलाआईटीआई के नियमों के अनुसार संस्था में अध्ययनरत छात्राओं को परीक्षा में शामिल होने के लिए 80 प्रतिशत उपस्थिति होना अनिवार्य है। संस्था के अधीक्षक पीएस उइके ने बताया कि 80 प्रतिशत से कम उपस्थिति होने पर परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जाता है। जबकि छात्राओं का कहना था उनकी उपस्थिति अन्य छात्राओं के समान ही है।
नायब तहसीलदार प्रियंका नेताम ने बताया कि जांच के बाद प्रतिवेदन तहसीलदार को प्रस्तुत किया है। आगे की कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारी करेंगे।