सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक पर गबन का आरोप
क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव द्वारा सरकारी राशि का गबन करने जैसी शिकायतों को दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्थिति यह है कि आए दिन ग्रामीण इस प्रकार की शिकायतें लेकर प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के पास पहुंच रहे हैं। मंगलवार को ग्राम पंचायत गांजीखेड़ी के उपसरपंच और पंचों ने सीहोर पहुंचकर कलेक्टर को एक ज्ञापन दिया। इसमें ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक पर राशि का गबन करने सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
इछावर जनपद पंचायत के तहत आने वाली ग्राम पंचायत गांजीखेड़ी के उपसरपंच और पंचों ने पिछले दिन सीहोर पहुंचकर जन सुनवाई में कलेक्टर को एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक ने आपस में सांठगांठ कर पंच-परमेश्वर योजना की करीब 2 लाख 76 हजार 732 रुपए की राशि फर्जी बिल बाउचर लगाकर आहरण कर ली है। इसके अलावा श्रमिकों के खाते ब्रिजिसनगर स्थित महाराष्ट्र बैंक में खुलवाकर उनकी पासबुक एवं उनसे विड्राल फार्म पर हस्ताक्षर करवाकर अपने पास रख लिए। जिन लोगों के घरों में पूर्व में शासन की योजना के तहत शौचालयों का निर्माण हो चुका है। उनसे भी 4 हजार रुपए की रिश्वत लेकर उन्हें दोबारा योजना का लाभ दिलवाया जा रहा है। शासन की इंदिरा आवास, कपिल धारा कुआं, मुख्यमंत्री आवास मिशन आदि योजनाओं में भी जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। हितग्राहियों से राशि वसूलकर योजनाओं का लाभ दिलवा रहे हैं।
निराधार हैं आरोप
कुछ लोग राजनीति रंजिश के चलते झूठी शिकायत कर रहे हैं। सभी आरोप झूठे और निराधार हैं। कमल सिंह, सचिव ग्राम पंचायत गांजीखेड़ी