पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • मौसेरे भाई ने की थी ज्यादती, गर्भवती होने पर नाबालिग ने कर ली थी आत्महत्या

मौसेरे भाई ने की थी ज्यादती, गर्भवती होने पर नाबालिग ने कर ली थी आत्महत्या

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
न्यायालय ने आरोपी भाई को सुनाई 10 साल की सजा

सीहोर | अपनी ही मौसी की नाबालिग बेटी के साथ अवैध संबंध बनाकर उसे गर्भवती कर आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने वाले आरोपी को विशेष न्यायाधीश अनिता वाजपेयी ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। मामले में पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी निर्मला सिंह चौधरी ने की। खास बात यह है कि मामले में आरोपी की शिनाख्त मृतका के गर्भ में पाए गए भ्रूण के डीएनए टेस्ट से हुई।

अभियोजन के अनुसार 18 फरवरी 2015 को दोराहा थानांतर्गत गांव सिराड़ी के जंगल में गांव की ही एक सत्रह वर्षीय लड़की का शव मिलने की सूचना गांव के चौकीदार ने पुलिस को दी थी। यहां शव के समीप ही केरोसिन की कुप्पी और कपड़े भी पड़े थे। इससे साफ प्रतीत हो रहा था कि युवती द्वारा अपने शरीर पर आग लगाकर आत्महत्या की गई होगी। लाश को जानवरों ने भी नुकसान पहुंचाया था। चौकीदार की सूचना पर पुलिस ने मृतका की शिनाख्त गांव की ही 17 वर्षीय युवती के रूप में की थी। खास बात यह थी कि पीएम रिपोर्ट के अनुसार मृतका चार माह की गर्भवती भी थी। मृतका के परिजनों से चर्चा के बाद मामले में संदिग्ध चार लोगों का डीएनए टेस्ट भी करवाया गया। नरसिंहगढ़ निवासी धर्मेंद्र महावर पुत्र नाथूलाल महावर मृतका के पेट में पल रहे गर्भ का पिता पाया गया। खास बात यह है कि आरोपी मृतका की मौसी का लड़का था और तीन साल से उसी के घर पर रह रहा था। मामले में विशेष न्यायाधीश अनीता वाजपेयी ने तथ्यों एवं साक्ष्यों की सूक्ष्म विवेचना करते हुए आरोपी धर्मेंद्र महावर को दोषी पाते हुए दस वर्ष के सश्रम कारावास और बीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।

खबरें और भी हैं...