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हवा से टूटे सालों पुराने पेड़, फसलें बर्बाद

7 वर्ष पहले
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नारायण गांव में प्याज की फसल बर्बाद, गेहूं-चने और संतरे भी खराब

भास्कर संवाददाता. शाजापुर

दुपाड़ा रोड स्थित नारायण गांव क्षेत्र में शुक्रवार देर रात तेज आंधी और ओलावृष्टि से ग्रामीणों का काफी नुकसान हुआ। तेज आंधी ने सालों पुराने बड़े पेड़ों को जमींदोज कर दिया। ओलावृष्टि से खेतों में खड़े संतरे के पौधों में लगे फल भी गिर गए। साथ ही गेहूं-चने, आलू, सरसों फसलें भी खराब हो गई। गांव के समीप तैयार की जा रही ईंटें बारिश के पानी में गीली होकर खराब हो गई। मकानों की छप्पर पर रखे चद्दर गांव के काफी दूर जाकर गिरे। ग्रामीणों की बर्बादी का मंजर देखने शनिवार को पटवारी और ग्रामसेवक ने मौका मुआयना किया।

अंधड़ के साथ हुई ओलावृष्टि से गांव के समीप सड़क पर एक पेड़ गिर गया। इससे ग्रामीणों को रास्ता बंद हो गया। जेसीबी से रास्ता साफ करना पड़ा। बारिश थमने के बाद शनिवार को नुकसानी का मंजर देख ग्रामीणों में मायूसी छा गई। दर्जनों पेड़ धराशायी हो गए। एक मकान की गैलरी टूट गई। आंधी से आम के पेड़ से लेकर रोड के साइड में खड़े कई पेड़ सहित दर्जनों पेड़ उखड़ गए।

संतराफसल भी नष्ट- करणसिंहपिता नारायणसिंह निवासी नारायण गांव ने बताया वर्तमान में संतरे के फलों को तोड़ने में करीब 15 दिन का समय और था। लेकिन ओले-आंधी से 15 दिन पूर्व ही सारे संतरे गिर गए। आंधी से संतरे के कई पेड़ धराशायी हो गए। गांव में सभी किसानों के यहां संतरे के बगीचे हैं। आंधी और ओले के कारण 80 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई। वहीं इसके बाद गर्मी में आने वाली संतरे के फलों को भी गिरा दिया। इस तरह इस साल की संतरे की दोनों फसलें नष्ट हो गई। 20 प्रतिशत तक संतरे पेड़ पर लगे हैं। यह भी ओले की चपेट में आने से खराब हो गए।

चनेऔर सरसों की फसल नष्ट -गांव केबिहारीलाल पटेल ने बताया कि रात 8 बजे आंधी के साथ गिरे ओले के कारण चना, प्याज, लाल तुवर और सरसों की फसल तो बिल्कुल नष्ट हो गई है। इसके लिए गांव के पटवारी और ग्राम सेवक को सूचना कर बुलाया है। इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को देकर राहत राशि की मांग की जाएगी।

जेसीबीसे रात में ही हटाए पेड़- गांवके तोलाराम पिता सिद्धनाथ के मुताबिक गांव के मार्ग पर कई जगह पेड़ धराशायी होने से रास्ता बंद हो गया। इस कारण दो वाहन भी फंसे गए। गांव में जेसीबी होने से तुरंत बुलाई और मार्ग पर गिरे पेड़ों को हटाया गया। तब कहीं वाहन यह