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न्याय के महोत्सव में बिछड़े दो दांपत्य एक हुए
शुभारंभ अवसर पर वरिष्ठों ने कहा
{राष्ट्रीय लोक अदालत में 69 हजार 21 मामलों का निराकरण
भास्कर संवाददाता. शाजापुर
करीब डेढ़ साल से अलग रह रहे पति-प|ी को समझाइश दी तो दोनों में सुलह हो गई। कुछ मामलों में पति-प|ी गिले-शिकवे भूलकर एक-दूसरे के साथ रहने के लिए तैयार हो गए और आगे की पूरी जिंदगी साथ बिताने का भरोसा करते हुए घर की ओर रवाना हुए। इन्हें जिला न्यायाधीश ने पुष्पगुच्छ देकर विदा किया। कुछ इसी तरह के मामलों का िनराकरण शनिवार को लोक अदालत में हुआ।
सालों से न्यायालयों में विचाराधीन मामलों का समझौते के आधार पर निपटारा कराने के लिए शनिवार को नेशनल लोक अदालत लगी। शाजापुर आगर दोनों जिलों में 20 न्यायिक खंडपीठ गठित कर उनके राजस्व न्यायालयों द्वारा प्री-लिटिगेशन सहित कुल 69021 प्रकरणोें का निराकरण हुआ। विभिन्न प्रकरणों में 17 करोड़ 88 लाख 39 हजार 485 रुपए वसूली/अवार्ड राशि के रूप में जमा हुई।
फिरएक हो गए- लोकअदालत के दौरान 15 जुलाई-13 को न्यायालय में सामने आए मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सोनल पटेल की न्यायालय में शबीना निवासी सलसलाई पति हासिम शाह निवासी नांदनी के बीच सुलह हो गई। साथ ही 20 जुलाई-14 से विचाराधीन अनिताबाई निवासी भरड़ और पति श्यामसिंह निवासी पचलाना की भी सुलह हो गई।
मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को लोक अदालतें लगी। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मनोज मंडलोई, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिव्यांगना जोशी पांडेय, द्वितीय अति. व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-1 सोनल पटेल, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 अफजल खान, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 आरती ढींगरा, अपर कलेक्टर आर.पी. भारती, अभिभाषक आदि मौजूद थे।
पारिवारिक विवाद के चलते बिगड़ते रिश्तों का लोक अदालत में समझौता हुआ।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश शाजापुर पी.एस. पाटीदार नेकहा हर व्यक्ति की अलग-अलग प्रकार की समस्याएं है। उन्ही समस्याओं एवं तनाव के कारण हर व्यक्ति से कोई कोई त्रुटि, कोई गलती या कोई अपराध जाने-अनजाने में या क्षणिक आवेश में हो जाता है। जब एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति के प्रति कोई अपराध किया जाता है तब यदि दूसरा व्यक्ति उसे क्षमा कर दे तो वैमनस्यता-दुश्मनी हमेशा के लिए समाप्त हो सकती है।
कलेक्टरप्रमोद गुप्ता नेकहा गिले शिकवों को भुलाकर विवादों को भूलकर आपस मे