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5 घंटे की धक्का-मुक्की के बाद सिर्फ दो बोरी यूरिया

7 वर्ष पहले
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भास्करसंवाददाता|शाजापुर

यूरियासंकट को लेकर अब किसानों का सब्र टूटता जा रहा है। पिछले सप्ताह 8 दिसंबर को मिली एक रैक के बाद भी शनिवार को एक और रैक जिले को मिल गई। बावजूद यूरिया की पूर्ति नहीं हो सकी। कई दिनों से खाद के इंतजार में बैठे किसान रविवार को सुबह 11 सेे सोसायटी पहुंचे। यहां शाम करीब 4 बजे तक धक्का-मुक्की के बाद भी उन्हें सिर्फ दो बाेरी यूरिया ही नसीब हो सका।

गत दिनों 8 दिसंबर को 2623 मी. टन यूरिया की रैक मिली। जो उसी दिन हाथोहाथ उठ गया। इसके बाद 13 दिसंबर को फिर 3190 मी.टन की रैक लगी। जो रविवार को सभी सोसायटी पहुंचा और वितरण शुरू हो गया। खाद के लिए शाजापुर के टंकी चौराहा स्थित मार्केटिंग सोसायटी में भी बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। यहां भू-ऋण अधिकार पुस्तिका को देख प्रत्येक किसान को दो बोरी यूरिया दिया। खाद लेने के लिए किसानों को मशक्कत करना पड़ी। कतार में खड़े किसानों की संख्या इतनी ज्यादा रही कि किसान धक्का-मुक्की करते रहे। घंटों धक्के खाने के बाद भी किसानों को सिर्फ 2 बोरी यूरिया मिला।

रुपए देकर महिलाओं को कतार में खड़ा कराया

लंबीकतार और धक्का-मुक्की से परेशान कुछ किसानों ने महिलाओं का सहारा लिया। वे रुपए देकर कुछ महिलाओं को लाए और उन्हें अपनी भू-अधिकार ऋण पुस्तिका देकर उनके माध्यम से यूरिया की जुगाड़ किया। एक-दूसरे को देखने के बाद कई किसानों ने यह रास्ता अपनाया। नतीजतन महिलाओं की लाइन भी काफी लंबी हो गई।

^ऋण पुस्तिका के मान से प्रत्येक किसान को दो बोरी यूरिया दिया गया। किसानों की संख्या ज्यादा होने के कारण महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग कतार लगाना पड़ी। देवीसिंहराठौड़, प्रबंधकमार्केटिंग सोसायटी शाजापुर

कतार में खड़े किसान ऐसे घंटों तक धक्का-मुक्की होने से परेशान हुए।