जांच में मिली गड़बड़ी, आज हो सकती है कार्रवाई
जनपद पंचायत शाजापुर में बगैर रुपए दिए कोई काम नहीं होने के मामला सामने आने के बाद शुरू हुई जांच में जनपद सीईओ सहित अन्य कर्मचारियों की गड़बड़ियां सामने आ गई है। कमियों को लिस्टेड कर जिला पंचायत सीईओ सुदेश मालवीय ने कलेक्टर राजीव शर्मा को भी इससे अवगत करा दिया है। मामले में कलेक्टर ने दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दे दिए हैं। गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों पर संभवत: आज या कल कार्रवाई की गाज गिरेगी।
हालांकि जांच अधिकारी रुपए लेने की बात के पुख्ता प्रमाण नहीं जुटा पाए हैं। लेकिन जांच के दौरान सामने आईं गड़बड़ियां और सरपंचों की शिकायत दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने के लिए काफी है। रिकार्ड देखने पर इसका अंदेशा भी है कि सरपंचों की शिकायत सही है। क्योंकि जो गड़बड़ियां सामने आई हैं, वे पहले ही सरपंच कलेक्टर शर्मा को अवगत करा चुके थे। इधर, विभागीय सूत्रों की मानें तो अब तक अफसरी रौब झाड़ने वाले जनपद पंचायत में बैठे अधिकारी अब अपने बचाव में लगे हैं। जांच के दौरान ही कुछ बड़े अधिकारियों ने जोड़तोड़ कर जांच में कुछ राहत भी ले ली है। खैर जो भी है, लेकिन सरपंचों के मोर्चा खोलने के बाद जनपद पंचायत के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। इधर, कलेक्टर शर्मा ने सख्ती दिखाते हुए जिपं सीईओ मालवीय को निर्देश दे दिए हैं कि जो भी गड़बड़ियां सामने आई हैं, उसके आधार पर सभी संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई तय कर प्रतिवेदन भेजे जाएं, ताकि अफसरों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार को रोका जा सके।
सरपंचों के यह भी आरोप
जनपद सीईओ शौचालय निर्माण के लिए भी हितग्राहियों के मान से रुपए लिए हैं। मस्टर की प्रतिलिपि सरपंचाें को नहीं दी जाती। किसी भी योजना में 25 प्रतिशत राशि मांगी जाती है। नहीं देने पर अनर्गल तरीके से काम को रुकवा दिया जाता है। मस्टर रोल जनरेट करने के लिए 500 रुपए लिए जाते है। नहीं तो लिंक फेल का बहाना बना लिया जाता है।
पंच परमेश्वर योजना में भी राशि की मांग की जाती है।
प्रतिवेदन सौंपेंगे
जनपद पंचायत के रिकार्ड की जांच करने पर कई गड़बड़ियां सामने आई है। इससे वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया है। कार्रवाई के लिए भी जल्द ही प्रतिवेदन जिला प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। सुदेश मालवीय, जिला पंचायत सीईओ शाजापुर
सख्त कार्रवाई करेंगे
गड़बड़ी करने वाले जनपद पंचायत के दोषी अधिकारियों पर हर हाल में कार्रवाई होना है। जिपं सीईओ द्वारा की गई जांच में अधिकारियों की गड़बड़ी सामने आ चुकी है। इससे साबित होता है कि सरपंचों द्वारा की गई शिकायत उचित थी। जिपं सीईओ के माध्यम से प्रतिवेदन मिलते ही दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। राजीव शर्मा, कलेक्टर शाजापुर
सरपंचों ने खुलेआम रुपए लेने के आरोप लगाए
ज्ञात रहे रुपए देकर अपनी फाइल आगे बढ़ाते हुए जपं के सरपंच परेशान हो गए और 5 फरवरी को जपं सीईओ जितेंद्रसिंह सेंगर सहित अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ मोर्चा खोल लिया। सारे सरपंच कलेक्टर शर्मा से मिले और सीईओ सेंगर सहित कर्मचारियों पर रुपए लेने का आरोप लगाया। सरपंचाें ने स्पष्ट रूप से कहा कि जपं में बगैर पैसे के काम नहीं होगा। काम स्वीकृत कराने से लेकर भुगतान तक हर काम के लिए अधिकारियों व बाबुओं को रुपए बांटना पड़ते हैं। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण, इंदिरा आवास योजना सहित अन्य योजनाओं को फायदा भी बगैर पैसे दिए हितग्राही को नहीं मिल पाता।