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सरकारी स्कूल को थमा रहे व्यावसायिक बिजली बिल
शाजापुरब्लॉक के शासकीय नवीन मावि बापचा के स्टॉफ सदस्य इन दिनों खासे परेशान हैं। विविकं पिछले कई महीनों से इस सरकारी स्कूल को व्यावसायिक मान गैर घरेलू बिजली बिल थमा रही है। बिल भी खपत से ज्यादा का रहा है। कई बार बिल, भुगतान समयावधि के ऐन मौके पर या बाद में मिले। परेशान स्कूल प्रबंधन को मजबूरन विविकं डीई को शिकायती आवेदन सौंप समस्या हल कराने की मांग करना पड़ी।
मंगलवार को संस्था के एक शिक्षक अखिलेश सोनी को विशेष रूप से इस कार्य के लिए स्कूल से अवकाश लेकर शिकायती आवेदन अधिकारी को देना पड़ा। स्कूल प्रबंधन की तरफ से दिए गए शिकायती आवेदन में बताया कि सत्र 2013-14 में स्कूल में बिजली कनेक्शन हुआ था। लेकिन बीते कुछ महीनों में कई बार संस्था को बिजली बिल या तो नियत तिथि के बाद मिले। या मिले ही नहीं। ऐसे में अगले महीने बेवजह पेनल्टी वाला बिल दे दिया जाता है। इस वर्ष में चार बार ऐसा हो चुका है। अब अप्रैल माह के बाद से बिल की राशि निरंतर मीटर में दर्शाई जा रही बिजली खपत से ज्यादा दी जा रही है। इस माह भी 100 यूनिट का बिल (684 रु.) दे दिया गया है। स्टॉफ सदस्यों ने बताया गर्मी की छुट्टी में स्कूल बंद रहने की समयावधि का एवरेज बिल भी दे दिया गया। शिकायत की जाती है तो कहा जाता है कि यूनिट कम बनते हैं, इसलिए ऐवरेज बिल भरना पड़ेगा। आवेदन में बताया कि स्कूल का समय सुबह 10.30 से शाम 4.30 बजे तक का है। ग्रामीण क्षेत्र होने से इस बीच कुछ घंटे बिजली कटौती भी होती है।
अतिरिक्तराशि वापस दें या समायोजित करें- डीईको दिए शिकायती आवेदन में स्कूल प्रबंधन सदस्यों ने ज्यादा खपत के नाम पर वसूली अतिरिक्त राशि को लेकर भी सवाल उठाए हैं। बताया है कि अभी तक संस्था करीब 800 यूनिट के बिल जमा कर चुकी है। वर्तमान में मीटर रीडिंग 151 यूनिट बता रही है। अत: 649 अतिरिक्त यूनिट की राशि या तो संस्था को वापस की जाए। या आगे के बिलों में समायोजित।
^सरकारी स्कूल प्रबंधन से शिकायती आवेदन मिला है। मैंने संबंधित वितरण केंद्र प्रभारी को फोन करके निर्देशित कर दिया कि मामला देखें। यदि वास्तविकता में कोई त्रुटि हो रही है तो उसे सुधारा जाए। एच.सी.यादव, डीई,विविकं, शाजापुर
शिक्षा ही नि:शुल्क तो कैसे दे रहे गैर घरेलू बिल
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