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मंच पर खड़ा कर किसानों से पूछा इन्हें पहचानते हैं

7 वर्ष पहले
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पहली बार शाजापुर आए उज्जैन संभाग के संभागायुक्त डॉ. रवींद्र पस्तौर ने कृषि विभाग, दुग्ध संघ और पशु पालन के अधिकारियों की मंच पर खड़ा कर क्लास ली। अधिकारियों को पहले तो उन्होंने मंच पर बुलाया। इसके बाद उन्हें खड़ा किया और मौजूद किसानों से पूछा कि इन्हें कितने किसान पहचानते हैं। इस पर सिर्फ दो-तीन किसानों ने ही हाथ खड़े किए। यह देख संभागायुक्त डॉ. पस्तौर ने अधिकारियों को जमकर लताड़ लगाई। क्षेत्र में पहचान नहीं बना पाने वाले अधिकारियों को दफ्तर से बाहर निकलकर ग्रामीण क्षेत्र का भ्रमण करने की हिदायत दी। खासकर उप संचालक कृषि को लगातार 25 दिन गांव में भ्रमण करने के निर्देश दिए हैं।

संभागायुक्त शनिवार को गांधी हॉल में आयोजित किसान सम्मेलन में किसानों से चर्चा कर रहे थे। कलेक्टोरेट में अधिकारियों की बैठक लेने के बाद दोपहर को गांधी हॉल पहुंचे संभागायुक्त ने किसानों से खुलकर चर्चा की। किसानों को आधुनिक तरीके से खेती करने की बात कही। डॉ. पस्तौर ने कहा किसान केवल अनाज उत्पादन तक ही सीमित रहें। बल्कि अनाज से बीज पैकिंग, सेलिंग और मार्केटिंग तक पूरा काम किसान खुद करें, ताकि किसानों की मेहनत पर बिचौलिए लाभ लें। इस दौरान संभागायुक्त ने कृषि से जुड़े शासकीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली का आंकलन भी कर लिया। कृषि विभाग, दुग्ध संघ और पशु चिकित्सा विभाग के एक-एक अधिकारियों को मंच पर बुलाकर खड़ा किया और किसानों से पूछा कि इन अधिकारियों से कभी आपकी मुलाकात हुई। इस पर किसानों ने इनकार कर दिया। अधिकारियों के किसानों तक नहीं पहुंच पाने की बात पर संभागायुक्त ने अधिकारियों को लताड़ लगाई।

इन्हेंदी हिदायत -उप संचालककृषि- उप संचालक कृषि बी.एस. जमरा को मंच पर खड़ा करने के बाद किसानों से पूछने पर सिर्फ 5 किसानों ने हाथ खड़े किए। इस पर संभागायुक्त ने उप संचालक कृषि जमरा को लगातार 25 दिन तक ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर किसानों से संपर्क करने को कहा।

दुग्धसंघ- दुग्धसंघ के अधिकारियों को संभागायुक्त ने पूरे ड्रेस कोड में खड़ा किया और हर गांव में पाइंट डालने की बात कही। बाकायदा दुग्ध का किसानों को प्रतिदिन भुगतान कराने की बात कही।

वेटरनरीडॉक्टर- पशुअस्पताल में पदस्थ एक डॉक्टर को खड़ा करने पर सभी किसानों ने पहचानने से इनकार कर दिया। डॉक्टर ने शाजापुर में आए सिर्फ चार माह होने का हवाला दिया। इस प