एक्सट्रा शॉट
घेराव की खबर से घबराए सीएस, पुलिस बुलवाई
भास्कर संवाददाता. शाजापुर. सिविल सर्जन डॉ. बी.एस. मैना की कार्यप्रणाली से नाराज जिला अस्पताल कर्मचारियों ने आवाज क्या उठाई, सीएस ऐसे सहमे की उन्होंने अपने साथ मारपीट होने का अंदेशा जताते हुए पुलिस सुरक्षा मांग ली। अस्पताल के सामान की खरीदी आदि में गड़बड़ी करने के मामले में सुर्खियों में रहने वाले डॉ. मैना पर पुलिस और प्रशासन ने भी मेहरबानी दिखाई। फोन पर कर्मचारियों द्वारा उन्होंने हंगामा करने की आशंका जताते ही प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर पुलिस अफसर मय बल वहां पहुंच गए। ऐसे में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले कर्मचारी भी हक्के-बक्के रह गए। उन्हें कुछ समझ नहीं रहा था कि आखिर इतनी पुलिस सुरक्षा की क्या जरूरत पड़ गई। प्रदर्शन में कर्मचािरयों ने अपनी हिस्सेदारी दिखाई मगर इससे तो अस्पताल का कार्य प्रभािवत हुआ और ही मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पहलेसे चेतावनी देने के बाद कर्मचारी मंगलवार सुबह करीब 10.30 बजे अस्पताल परिसर में जुटने लगे। अस्पताल में चल रही अनियमितताओं को लेकर महज आधा दर्जन कर्मचारी ज्ञापन देने के लिए खड़े थे। इन गिने-चुने कर्मचारियों की आवाज दबाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। एसडीओपी अरविंद सिंह ठाकुर, टीआई आनंद तिवारी शाजापुर थाने के बल के साथ अस्पताल पहुंच गए। इतना ही नहीं उन्होंने ज्ञापन देने के लिए वहां खड़े कर्मचारियों पर रौब झाड़ते हुए पुलिसिया अंदाज में उन्हें चमका दिया। इधर, एसडीएम लक्ष्मी गामड़, तहसीलदार राजेश सिंह भी वहां पहुंच गए। पुलिस छावनी बने अस्पताल परिसर को देख जायज मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले कर्मचारी भी सहमे दिखाई दिए। पुलिस और अधिकारियों को देख कर्मचारी ऐसे सहमे कि डॉ. मैना के कार्यालय का घेराव करने के लिए अंदर तक नहीं गए। उन्होंने अस्पताल के बाहर ही प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम गामड़ को सौंपा। इसमें सीमएचओ और सिविल सर्जन पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
इनअनियमितताओं को लेकर उठाई थी आवाज- एसोसिएशनके प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्रसिंह कौरव और प्रांतीय सचिव राजदत्त दुबे के मुताबिक सिविल सर्जन डॉ. बी.एस. मैना ने फार्मासिस्ट एक्ट का उल्लंघन करने के साथ ही शासन के सारे आदेशों की धज