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स्वास्थ्य विभाग ने कहा- बच्चे को सर्दी-खांसी है तो स्कूल से छुट्टी दें

6 वर्ष पहले
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प्रदेशभरमें बढ़ते स्वाइन फ्लू के संक्रमण को लेकर जिले में भी हाई अलर्ट कर दिया गया है। जिले के दो मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि और करीब आधा दर्जन संदिग्ध मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे ने भी इससे निपटने के लिए अपने स्तर से पूरी तैयारी कर ली। इधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी बढ़ते स्वाइन फ्लू संक्रमण के खतरे को देखते हुए स्कूली शिक्षा विभाग से सर्दी-खांसी से पीड़ित बच्चों को स्कूल से छुट्टी देने का सुझाव रखा।

संक्रमित बच्चों को स्कूल से छुट्टी देने के लिए पहल शुरू हो चुकी है। इसके लिए जल्द ही स्वास्थ्य विभाग शिक्षा अधिकारी के माध्यम से जल्द ही सभी स्कूलों को निर्देशित कराएंगे। विभागीय अधिकारियों ने भी इस पर सहमति दी है। जैसे ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिखित में शिक्षा विभाग को आदेश पहुंचेगा, शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सभी स्कूल प्रधानों को निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। जिले के सभी प्रावि मावि स्कूलों में यह निर्देश पहुंच जाएंगे। निर्देशानुसार यदि किसी बच्चे को सर्दी-खांसी, बुखार या स्वाइन फ्लू से जुड़े कोई भी लक्षण दिखाई दें तो उन्हें स्कूल से छुट्टी दे दी जाएगी। विभाग ने बच्चों को 3 से 5 दिन की छुट्टी देने का मन बनाया है, ताकि सर्दी-खांसी का संक्रमण अन्य स्कूली बच्चों पर हो सके। ज्ञात रहे स्वाइन फ्लू के वायरस का छोटे बच्चों को ज्यादा खतरा रहता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्णय लिया है।

अबतक 7 मामले सामने आए- जिलेमें स्वाइन फ्लू के अब तक 6 संदिग्ध मामले सामने आए। ग्राम लाहोरी, बरनावद में सामने आए मरीजों की जांच रिपोर्ट जबलपुर से निगेटिव मिली। हालांकि ग्राम टुंगनी की महिला की जबलपुर लैब से ही जांच नहीं हो सकी। बेरछा झोंकर के दो मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इधर गत दो दिनों पहले सुसनेर क्षेत्र के ग्राम माणा की एक महिला की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।

मक्सीके ग्राम झोंकर में स्वास्थ्य अमला डटा

स्वाइनफ्लू के दो मरीजों की पुष्टि के बाद ग्राम झोंकर को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी चिंता में है। गौरतलब है कि पिछले करीब चार दिन से स्वाइन फ्लू के लिए बनी टीम के नोडल ऑफिसर डॉ. आलोक सक्सेना के साथ पूरी टीम गांव की मॉनिटरिंग करने में लगी है। मंगलवार को भी टीम ने गांव में भ्रमण कर ग्रामीणों की जांच करते रहे। साथ ही उन्हें बचाव के लिए सावधानी रखने की जानकारी दी।

दो मरीजों में हो चुकी है पुष्टि

चारदिन के अंतराल में जिले के झोंकर निवासी दो मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। एक का इलाज बॉम्बे हॉस्पिटल इंदौर में तो दूसरे का उज्जैन के माधवनगर अस्पताल में उपचार दिया जा रहा है। झोंकर में संक्रमण का खतरा ज्यादा है। करीब 100 से ज्यादा लोगों को सर्दी-खांसी की शिकायत है।

सतत मॉनिटरिंग चल रही है

^बढ़तेसंक्रमण को ध्यान में रखते हुए ऐहतियात के तौर पर सर्दी-खांसी के पीड़ित बच्चों को आराम इलाज के लिए छुट्टी देने के मामले में चर्चा हो चुकी है। जल्द ही लिखित रूप से सूचना देकर शिक्षा अधिकारी के माध्यम से स्कूलों को निर्देश भिजवाएंगे। झोंकर में मिले स्वाइन फ्लू के मरीजों का इलाज चल रहा है। गांव में भी टीम की सतत मॉनिटरिंग चल रही है। डॉ.अनुसुइया गवली, सीएमएचओ शाजापुर

^वैसेतबीयत खराब होने पर बच्चे स्वत: ही स्कूल नहीं आते हैं। अब बढ़ते स्वाइन फ्लू के खतरे को ध्यान में रखते हुए सावधानी रखना जरूरी भी है। वैसे स्वास्थ्य विभाग से अब तक इस संबंध में लिखित सूचना प्राप्त नहीं हुई है। यदि विभाग से लिखित सूचना मिलेगी तो इसे लागू कराया जाएगा। अक्षयसिंहराठौर, डीपीसी शाजापुर

^संक्रमणके खतरे के चलते सावधानी रखने के लिए हम तत्पर है। यदि स्वास्थ्य विभाग से इस प्रकार की लिखित सूचना आएगी तो तत्काल सभी स्कूलों में पहुंचा दी जाएगी। थॉमसभूरिया, डीईओ शाजापुर

दूसरे संदिग्ध मरीज की मौत से हडकंप

सुसनेर| विधानसभामें स्वाइन फ्लू के दूसरे संदिग्ध मरीज की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग में हडकंप मच गया। नलखेड़ा तहसील के ग्राम पचलाना निवासी एक 20 वर्षीय महिला की 8 फरवरी को इंदौर के एमवाय अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत की सूचना के बाद नलखेड़ा बीएमओ डॉ. विजय यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग के एक दल ने मंगलवार को पचलाना का दौरा कर वहां 100 मरीजों की जांच की। इधर मामले में नलखेड़ा बीएमओ डॉ. विजय यादव का कहना है आईबी की सूचना के बाद मैंने पचलाना का दौरा कर करीब 100 मरीजों की जांच की है। महिला की तबीयत खराब होने पर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया था। वहां इलाज के दौरान उसे एमवाय इंदौर रैफर किया था। वहां इलाज के दौरान 8 फरवरी को महिला की मौत हो गई। जिला चिकित्सालय से महिला काे रैफर किया गया था।