अनूठी पहल
बेटी बचाने के लिए बना रहे डाक्यूमेंट्री \\\"एक आशा’
बेटियोंको बचाने, उनका महत्व समझाने की दिशा में शहर के कुछ युवाओं ने विशेष पहल की है। ये युवा खुद के खर्च से एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बना रहे हैं। बुधवार से फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है। 40 मिनट की इस फिल्म में 11 कलाकार अपने अभिनय से बेटियों का सम्मान करने का संदेश देंगे। फिल्म की सीडी स्कूल-कॉलेज, आंगनवाड़ी केंद्रों से लेकर गांव, नगर, महानगरों में पहुंचाई जाएगी, ताकि हर कोई इस फिल्म को देखकर इससे प्रेरणा ले सके।
संभवत:नए वर्ष के पहले सप्ताह या अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर फिल्म की मुख्य सीडी लांच की जाएगी। समारोह में पहुंचने वालों को फिल्म की सीडी नि:शुल्क रूप से भेंट की जाएगी। शहर के युवा कलाकार राहुल पाटीदार फिल्म की स्क्रिप्ट लिखते हुए डायरेक्शन भी खुद ही दे रहे हैं। असिस्टेंट डायरेक्टर संदीप मालवीय, कॉस्टिंग डायरेक्टर आलोक नाइक, म्यूजिक डायरेक्टर ऋषभ श्रीवास्तव और कैमरामैन रिंकू हैं। एक वरिष्ठ कलाकार सैयद लियाकत की भूमिका भी कुछ खास है। बुधवार से समीपस्थ ग्राम कांजा के पहाड़ी क्षेत्र में इन स्थानीय कलाकारों ने फिल्म की शूटिंग शुरू की। 30 दिसंबर तक शूटिंग पूरी करने की योजना है। प्रतिदिन चार घंटे शूटिंग की जा रही है। फिल्म को डायरेक्शन देने वाले राहुल पाटीदार ने बताया बेटी बचाओ अभियान को आत्मसात कराने वाली इस फिल्म को \\\"एक आशा\\\' नाम दिया है।
20हजार लगेगी लागत
फिल्मके स्क्रिप्ट राइटर पाटीदार असिस्टेंट डायरेक्टर मालवीय ने बताया फिल्म को बनाने में 15 से 20 हजार रु. की लागत रही है। इसमें किसी का सहयोग नहीं है। कलाकारों ने अपनी-अपनी तरफ से रुपए इकट्ठे किए हैं। स्कूल-कॉलेज, आंगनवाड़ी केंद्रों से गांव, नगर, महानगरों में सीडी बहुत न्यूनतम दाम पर उपलब्ध कराई जाएगी।
कलाकारोंका पहला प्रयास
अपनेखर्च से बेटी के सम्मान में तैयार की जा रही इस फिल्म में अभिनय करने वाले अधिकांश कलाकारों का यह पहला प्रयास है। यह सब स्वप्रेरणा से किया जा रहा है। किसी ने पहले से इन्हें प्रशिक्षण नहीं दिया। बेटियों के प्रति स्नेह भावना बढ़ाना, बेटी का मानव जीवन में महत्व बताना, महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि बनाना भी इस फिल्म का एक उद्देश्य है।
गरीब परिवार की बेटी पर आधारित है कहानी
गांवके एक गरीब परिवार में बेटी जन्म लेती है, जिसे सुनसान