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उच्च अधिकारियों से मिलना अब आसान नहीं बिनाअनुमति मुख्यालय छोड़ा तो वरिष्ठ कार्यालय से कार्रवाई होगी
प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में सेवा दे रहे प्राचार्य, शैक्षणिक कार्यालयीन अधिकारी-कर्मचारी अब आसानी से अपने विभाग के उच्चाधिकारियों से नहीं मिल सकेंगे। खासतौर पर व्यक्तिगत काम के लिए सरकारी खर्च पर उच्चाधिकारी से मिलने बिल्कुल नहीं जा सकेंगे। वरिष्ठों से अनुमति मिलने के बाद ही भेंट होगी। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ा तो वरिष्ठ कार्यालय से कार्रवाई भी की जा सकती है।
इसी तरह की नई व्यवस्था अब उच्च शिक्षा आयुक्त कार्यालय से तय कर दी गई है। शुक्रवार को प्रदेश के समस्त क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक सरकारी कॉलेज प्राचार्यों को उच्च शिक्षा आयुक्त सचिन सिन्हा के हस्ताक्षरित आदेश-पत्र भी जारी कर दिया गया है। आदेश-पत्र के अनुसार प्राय: यह देखने में आया है कि प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में पदस्थ प्राचार्य, शैक्षणिक-गैर शैक्षणिक अधिकारी-कर्मचारी अपने वेतन भुगतान, अवकाश, विभिन्न अनुमतियों, स्थानांतरण, पदोन्नति, बजट, निर्माण जैसी शासकीय एवं व्यक्तिगत समस्याओं को लेकर मुख्यालय के उच्चाधिकारियों से मिलने जाते हैं। ऐसे प्रकरणाें में उच्चाधिकारियों से मिलने विशेष व्यवस्था की जाती है। मिलने की अनुमति देने से पहले यह भी जांचें कि शासकीय/व्यक्तिगत काम से उच्चाधिकारियों से संबंधित अधिकारी- कर्मचारी का मिलना वास्तविक रूप से आवश्यक है। इसके बाद ही आवेदन पर शासकीय कार्य के लिए नियमानुसार यात्रा की अनुमति दी जाने तथा व्यक्तिगत कार्य के लिए नियमानुसार अवकाश दिए जाने की टीप अंकित करें।
^उच्चाधिकारियों से भेंट करने के लिए उच्च शिक्षा आयुक्त ने आदेश-पत्र जारी कर नई व्यवस्था लागू की है। कार्यरत स्टाफ सदस्य व्यक्तिगत काम के लिए उच्चाधिकारी से मिलने सरकारी खर्च पर नहीं जा सकेंगे। व्यक्तिगत काम के लिए उच्चाधिकारी से मिलने से पूर्व बाकायदा स्पष्ट कारण बताकर अवकाश लेना होगा। जिले में अभी ऐसा मामला सामने नहीं आया है।^ डॉ.एन.के. सोनी, प्राचार्य,लीड बीएसएन कॉलेज
इसलिए यह व्यवस्था
सूत्रोंके मुताबिक अब तक शासकीय एवं व्यक्तिगत प्रकरणों में कई अधिकारी-कर्मचारी बिना अनुमति सीधे उच्च शिक्षा आयुक्त से मिलने पहुंच जाते थे। व्यक्तिगत काम के लिए ऑन ड्यूटी रहकर सरकारी खर्च पर उच्चाधिकारी से मिलने की जानकारी भी मिली थी। इन हालातों को देख विभाग को और सख्त होना पड़ा।
जिलेमें भी सुधरेगा बिगड़ता ढर्रा
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