खड़े ट्रक में आग लगी, हादसा टला
कुछखराबी आने से ट्रक स्टार्ट नहीं हो रहा था। सामान खाली करने के बाद ट्रक खड़ा करके ड्रायवर चला गया। मैं ट्रक के अगले हिस्से में सो रहा था। देर रात अचानक एक कान की चमड़ी और सिर के कुछ बाल जलने लगे। जलन के मारे नींद खुली तो पता चला मेरे आसपास आग की भीषण लपटें उठ रही हैं। तुरंत गेट से बाहर कूदा।
यह कहना था मौत के मुंह से वापस आए उस ट्रक क्लीनर विनोद (40) का जो ट्रक में लगी आग की लपटों में पूरी तरह जलने से बच गया। सोमवार सुबह ट्रक के अगले हिस्से की हालत देख उसकी रूह कांप रही थी। कुछ ऐसा ही वाकिया रविवार-सोमवार दरमियानी रात होना सामने आया है। ट्रक के सेकंड ड्रायवर मनोज के अनुसार बेरछा रोड पर विविकं कार्यालय के पास रविवार देर रात साढ़े सात बजे यूरिया से भरी गाड़ी खाली करवाकर लौटना था। गाड़ी स्टार्ट नहीं होने से फर्स्ट ड्रायवर मनोहर ने ट्रक को पास ही खुले मैदान वाले हिस्से में खड़ा कर दिया। देर रात तीन बजे मोबाइल पर ट्रक के अगले हिस्से में आग लगने की सूचना मिली। बताया जा रहा है कि फायर ब्रिगेड की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। सूचना मिलते ही क्षेत्र में गश्त कर रहे पुलिस जवान भी मौके पर पहुंचे। मामले को संज्ञान में लिया।
राखहो गया सबकुछ-आगजनी कीइस घटना से ट्रक के अगले हिस्से में लगा स्टेयरिंग, ब्रेक, इंजन, सीटें, उनके कुशन-कवर, वायरिंग, सबकुछ जलकर राख में तब्दील हो गए। खासा नुकसान हुआ। आग की लपटें डीजल टैंक तक नहीं पहुंची, वरना हादसा और बड़ा हो जाता।
आग में जलता ट्रक का अगला हिस्सा। इनसेटलपटोंसे जली क्लीनर के दाएं कान की चमड़ी।