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जिले के 16 बच्चों को हृदय रोग, इंदौर रैफर
सरकारीस्कूलों सहित आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों की जांच में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 1 से 18 वर्ष के बच्चों की जांच में 16 बच्चों को दिल की बीमारी होने का मामला सामने आया है। इनकी जांच के लिए उन्हें इंदौर रैफर किया है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में 4 सेक्टराें की 8 टीमों ने स्कूली बच्चों की जांच की। जिला स्तर पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर भी बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण किए जा रहे हैं। इसके तहत कुल 23 में से अब तक बाल हृदय रोग के संभावित 16 बच्चों को चिह्नित कर इंदौर एमवाय अस्पताल भेजा गया है। सामान्य बीमारी के बच्चों का सेक्टर स्तर पर ही उपचार किया जा रहा है। गंभीर बीमारियों के लिए जिला अस्पताल में शिविर लगाकर जांच उपचार किया जा रहा है। जिला स्तर पर जांच के बाद गंभीर बीमारी जैसे बाल हृदय रोग, कैंसर या अन्य गंभीर बीमारी के मरीज मिलने पर उन्हें इंदौर एमवाय अस्पताल में आवश्यक जांच उपचार के लिए रैफर किया जा रहा है।
18 साल तक के बच्चों किशोरों की 38 जांचें
जिलेभरके शून्य से 18 साल तक के बच्चों का स्वास्थ्य संबंधित 38 प्रकार की बीमारियों की जांच की जा रही है। इसके लिए बेरछा, कालापीपल, मो. बड़ोदिया पाेलायकलां स्वास्थ्य सेक्टर की दो-दो टीमें कुल 8 टीमें जिलेभर के स्कूलों और आंगनवाड़ियों में पहुंचकर जांच कर रही है।
^राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में शून्य से 18 साल तक के बच्चों की जांच की जा रही है। इसमें 4 फरवरी को आयोजित जिला स्तरीय शिविर में सेक्टर स्तर से संभावित मरीजों को इंदौर भेजा है। इसमें से 16 बच्चों में हृदय रोग की संभावना है। हिमांशीकाले, आरबीएसके जिला समन्वयक