देवी विराजीं, 24 पंडालों में गरबा शुरू
शारदीयनवरात्रि पर्व गुरुवार से शुरू हो गया। शुभ मुहूर्त में मंदिरों, घर-आंगनों में घटस्थापना की गई। जगह-जगह प्रतिमाओं में आकार लिए ‘शक्ति’ विराजीं। एबी रोड स्थित प्रसिद्ध मां राजराजेश्वरी मंदिर में अलसुबह घट स्थापना के बाद से भक्तों का दर्शनार्थ तांता लगा। दिनभर चल समारोह में मां के जयकारे गूंजे। शाम ढलते ही करीब 24 पंडालों परिसर में डांडिया रास की धूम मचने लगी।
जिलेभर में सुबह से ही जगह-जगह माता के भक्ति गीतों की गूंज सुनाई दी। मां के जयकारे लगाते और गरबा रास करते भक्त मां की प्रतिमाएं शोभायात्रा के रूप में विराजित करने ले गए। जिलों के प्रसिद्ध मां राजराजेश्वरी, मां बगलामुखी, कनकावती, तुलजा भवानी, पचेटी माता, मां चौंसठ आदि देवी मंदिरों में विशेष अनुष्ठान शुरू हो गए। शहर में प्रसिद्ध मां राजराजेश्वरी मंदिर में गुरुवार सुबह 7 बजे घट स्थापना की गई। कलेक्टर प्रमोद गुप्ता, क्षेत्रीय विधायक अरूण भीमावद, नपा अध्यक्ष प्रदीप चंद्रवंशी ने पूजा कर मां की आरती उतारी। स्थानीय रोड़वाल ब्राह्मण समाजजनों ने भी मां राजराजेश्वरी की आरती की। घट स्थापना विधि मंदिर के पुजारी पं. सुनील नागर ने कराई। आरती में भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल रहे। नवरात्रि के आठों दिन यहां अलसुबह 5 और रात 9 बजे मां की महाआरती की जाएगी। स्टेशन रोड स्थित मां गायत्री शक्तिपीठ पर भी सुबह घट स्थापना के बाद पंचकुंडीय यज्ञ किया।
इनमंदिरों में भी घटस्थापना के साथ विशेष भक्ति शुरू- दुपाड़ारोड टेकरी स्थित मां चामुंडा मंदिर, कसेरा बाजार स्थित रूपामाता मंदिर, गिरवर-पतोली मार्ग स्थित लालबाई-फूलबाई मंदिर, रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित मां कालिका मंदिर, ज्योतिनगर स्थित मां काली मंदिर, नई सड़क स्थित मां बिजासन माता मंदिर में भी सुबह घट स्थापना के बाद विशेष भक्ति का दौर शुरू हुआ।
यहां-यहांविराजित की गईं प्रतिमाएं- शहरके धानमंडी, रेलवे स्टेशन, आदर्श कॉलोनी, विजयनगर, टंकी चौराहा, काछीवाड़ा, बस स्टैंड सहित 24 स्थलों पर आकर्षक मंच तैयार कर मां की प्रतिमाएं विधि-विधान से विराजित की गईं।
डांडियारास के रंग बिखरने लगे- नवरात्रिके पहले दिन से ही शहर में डांडिया रास के रंग भी बिखरने लगे। महिला मंडल भवन, भावसार धर्मशाला, नागर धर्मशाला, मोढ़ समाज की धर्मशाला, आजाद चौक सहित माता प्रतिमा पंडालों के समक्ष डांडिया रास की धूम मची। सिलसिल