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कार्यशाला में व्यक्तित्व विकास के गुर सिखाए

7 वर्ष पहले
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भासं. शाजापुर.एबी रोडस्थित लीड बीएसएन कॉलेज में शनिवार को व्यक्तित्व विकास प्रकोष्ठ के बैनर तले स्वामी विवेकानंद के जीवनवृत्त पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शित करते हुए व्यक्तित्व विकास के गुर सिखाए।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. आर.के. जैन ने कहा कि अल्प आयु में ही स्वामी विवेकानंदजी ने अपने कार्यों के द्वारा विश्व के विद्वानों में अपना स्थान बनाया था। स्वामीजी के कहे गए कथनों को बताकर कहा कि स्वस्थ्य शरीर में ही स्वस्थ्य मन का वास होता है। इसलिए हमें अपने जीवन में स्वास्थ्य को प्रमुख स्थान देना चाहिए। स्वामी विवेकानंदजी समय प्रबंधन सकारात्मक सोच को महत्व देते थे। हमें भी अपने व्यवहार एवं वर्तमान के बदलते स्वरूप अनुसार अपनेआप को ढालना है तो स्वामी विवेकानंदजी के जीवन चरित्र को अपनाना होगा। योग्य नागरिक बनकर अपने दायित्वों का निर्वाहन करना होगा। कार्यशाला का संचालन डाॅ. आर.सी. चौहान ने किया आभार प्रकोष्ठ की प्रभारी डाॅ. परीक्षा वागले ने माना।