अब मंडी के बजाय सीधे गोडाउन पर गेहूं तौलेंगे
मार्च से शुरू होने वाली समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी को लेकर इस बार जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने नया प्रयोग करने का मन बनाया है। इसके लिए उन्होंने प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यालय भोपाल भेज दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक अब किसानों को उनके गेहूं बेचने के लिए मंडी जाने की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे खरीदी केंद्र से जुड़े गोडाउन पर पहुंचेंगे और अपने गेहूं का तौल करा लेंगे। इससे किसानों को आसानी होगी। वहीं सरकार को भी ट्रांसपोर्ट के लिए अलग से मशक्कत करने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि प्रस्ताव पर मुख्यालय भोपाल से स्वीकृति मिलने के बाद ही अमल होगा।
ज्ञात रहे फिलहाल पंजीकृत किसान अपने गेहूं लेकर खरीदी केंद्र पहुंचते हैं। यहां बोली लगने के बाद गेहूं का तौल भी केंद्र पर ही हो जाता है, लेकिन खरीदे गए गेहूं हो गोडाउन पर पहुंचाना जिम्मेदारों के लिए किसी सिरदर्द से कम नहीं होगा। ट्रांसपोर्ट के नाम पर सरकार को लाखों रुपए का खर्च होता है। वहीं बीच में कई बार गेहूं का वजन ही कम हो जाता है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने किसानों के गेहूं सीधे गोडाउन पर ही तौल कराने की योजना बनाई है। किसानों को मोबाइल पर मैसेज के आधार पर उन्हें खरीदी केंद्र से जुड़े गोडाउन पर ही बुलाया जाएगा। यहां पहुंचते ही उनके गेहूं का ताैल करा दिया जाएगा। इसमें डायरेक्ट उपज की खरीदी गोदाम पर ही हो जाएगी। किसानों को अनाज बेचने के लिए भी मंडी में ज्यादा इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। प्रस्ताव पर भोपाल से मंजूरी मिलते ही जिले में यह नई व्यवस्था शुरू करा दी जाएगी। प्रस्ताव में विपणन सहकारी संस्था शाजापुर के पंजीकृत किसानों के लिए रुचि इंफ्रा सुनेरा से लिंक किया जाएगा। इसी प्रकार प्राथमिक सहकारी संस्था पतोली को सीड्स एंड ग्रेंस सनकोटा, प्राथमिक सहकारी संस्था सुनेरा को कैलाश वेयर हाउसिंग बरवाल पर खरीदी के लिए शामिल किया गया है।
कृषि मंडी को भी होगा फायदा
गोदाम पर उपज की खरीदी से कृषि मंडी को भी फायदा होगा। मंडी सूत्रों की मानें तो सीजन में मंडी में पर्याप्त जगह नहीं होने से किसानों द्वारा गेहूं की उपज पूरे प्रांगण में फैला दी जाती है। इससे दूसरी उपज की खरीदी पर असर पड़ता है। साथ ही खुले में रखे होने के कारण बारिश की संभावना को देखते हुए भी उपज खराब होने का डर बना रहता है। इससे सबसे ज्यादा फायदा यह होगा कि मंडी से गोदामों तक ले जाने में होने वाला शासन का खर्च नहीं होगा। ग्रेडिंग भी गोदाम पर ही हो जाएगी।
दो केंद्र बढ़ाने का भी प्रस्ताव
गेहूं खरीदी के लिए सोसायटियों के दो केंद्र बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसमें प्राथमिक कृषि सहकारी समिति मर्यादित हीरपुरटेका और खेरखेड़ी सतगांव को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। दोनों केंद्रों के करीब डेढ़ दर्जन ग्रामों के किसानों को अपनी उपज बेचने में राहत मिलेगी।
समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सीधे गोदाम पर करने के संबंध में प्रस्ताव भोपाल भेजा है। शासकीय प्रक्रियाओं से ही इसकी स्वीकृति का निर्णय उच्च अधिकारियों द्वारा लिया जाना है। यदि भोपाल से प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी तो इस बार इसी तरह खरीदी की जाएगी। मोहन मारू, जिला आपूर्ति अधिकारी शाजापुर
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