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प्रवेश पत्र में आॅन लाइन संशोधन करा सकेंगे

6 वर्ष पहले
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सीबीएसई की तर्ज पर अब माशिमं ने भी प्रवेश पत्र और अंकसूची में ऑनलाइन संशोधन कराने की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इसके लिए बोर्ड ने आदेश जारी कर दिया है। प्रवेश पत्र में परिवर्तन कराने के साथ ही परीक्षार्थी बाद में अंकसूची में भी ऑनलाइन ही संशोधन करा सकेंगे। इतना ही नहीं अंक सूची गुम होने की स्थित में भी डुप्लीकेट अंकसूची लेने के लिए उन्हें शपथ पत्र देने की जरूरत नहीं है।

पहल नवंबर 2014 से शुरू हुई थी। इसका इस साल क्रियान्वयन शुरू हो गया है। इसके तहत संयुक्त सचिव भोपाल ने 14 जनवरी-15 को आदेश भी जारी कर दिया है। इसके तहत अब बाेर्ड के विद्यार्थी कियोस्क सेंटर पर एमपी ऑनलाइन की वेबसाइट पर जाकर अपने प्रवेश पत्र में संशोधन कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा परिणाम आने के बाद यदि अंकसूची में कोई त्रुटि हो तो भी वे सीधे ऑनलाइन ही परिवर्तन करा सकेंगे।

2014के बाद वाले विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा -बाेर्ड द्वाराशुरू की गई ऑनलाइन संशोधन की सुविधा का फायदा सिर्फ 2014 के बाद परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को ही मिलेगा। इससे पहले परीक्षा दे चुके विद्यार्थियों को अपनी मार्कशीट में परिवर्तन या संशोधन कराने के लिए पूर्ववत प्रक्रिया ही अपनाना होगी। इसके तहत प्राचार्य डीईओ के माध्यम से आवेदन बोर्ड ऑफिस भेजे जाएंगे।

संशोधनये करें- मूलअंकसूची के गुम होने, चोरी या नष्ट होने पर स्व प्रमाणित घोषणा-पत्र देना होगा। एक से ज्यादा बार डुप्लीकेट अंकसूची लेने के लिए विद्यार्थियों को एफआईआर की कॉपी देना होगी। इसके बाद ही उन्हें डुप्लीकेट अंकसूची मिलेगी। आवेदन प्राचार्य के माध्यम से भेजा जा सकता है। संशोधन रिजल्ट खुलने के तीन साल के अंदर ही कराना अनिवार्य है।





तीन साल के बाद संशोधन नहीं किया जा सकेगा।

नाम: छात्र,अभिभावक के नाम उपनाम, स्पेलिंग, टाइपिंग की गलती को ही सुधारा जाएगा। सुधार का आधार वे मूल दस्तावेज होंगे जो छात्र द्वारा प्रवेश के समय अभिभावक द्वारा भरे गए हैं। इसके अलावा कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

फोटोग्राफ में संशाेधन : यह संशोधन रिजल्ट खुलने के सिर्फ 1 साल तक ही किया जा सकेगा। उसके बाद उपस्थिति पत्रक नष्ट कर दिया जाता है। इसके बाद में यह कार्य नहीं हो सकेगा। 2014 के पूर्व की अंकसूचियों में संशोधन के लिए डीईओ या प्राचार्य के प्रमाणीकरण के आधार पर दिसंबर 2015 तक मान्य होगा।

नामांकन क्रमांक : इसमें संशोधन बोर्ड के कम्प्यूटर कक्ष में उपलब्ध मूल नामांकन अभिलेख और संभागीय कार्यालय द्वारा आवंटित क्रमांक के आधार पर होगा।

प्रवेश-पत्र में भी सुधार देंगे त्रुटियां

- माशिमं ने इस साल से प्रवेश पत्र और इसके बाद मार्कशीट में हुई त्रुटी में सुधार के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू की है। ताकि प्रवेश पत्र और अंकसूची में कोई गड़बड़ी हो।

- विवेक दुबे, प्रभारी सहायक संचालक शाजापुर

^माशिमं ने इस साल से प्रवेश पत्र और इसके बाद मार्कशीट में हुई त्रुटी में सुधार के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू की है। ताकि प्रवेश पत्र और अंकसूची में कोई गड़बड़ी हो। विवेकदुबे, प्रभारी सहायक संचालक शाजापुर