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एक मरीज में स्वाइन फ्लू पॉजीिटव

6 वर्ष पहले
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हेल्थ रिपोर्टर | शाजापुर/मक्सी

17 दिन पहले 21 जनवरी से इंदौर के बाॅम्बे हास्पिटल में इलाज ले रहे झाेंकर निवासी 57 वर्षीय एक मरीज में शनिवार को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई। जो इस साल जिले का पहला मामला है। जिससे अमले में हड़कंप मच गया है। जबलपुर से आई जांच रिपोर्ट पॉजीटिव निकली है। हालांकि मरीज की हालत में सुधार है और वेंटिलेटर आईसीयू से हटाकर सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया है।

मरीज को 18 जनवरी से सर्दी-खांसी और बुखार है। किसी समारोह में शामिल होने के बाद जैसे ही वह घर आया, उसकी तबीयत खराब हो गई। स्थानीय अस्पतालों में इलाज लेने के बाद 21 जनवरी को वह इंदौर के बाॅम्बे हास्पिटल में भर्ती हो गया। यहां उसे स्वाइन फ्लू का संदिग्ध मरीज मानते हुए वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया। स्वाइन फ्लू की जांच के लिए नमूना जबलपुर भेजा गया। शनिवार आई जांच रिपोर्ट में मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई। हालांकि बाॅम्बे हास्पिटल में इलाज लेते हुए उसकी हालत में सुधार हुआ है। स्वाइन फ्लू का इलाज देते हुए अब उसे वेंटिलेटर से हटाकर सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। एहतियात के तौर पर मरीज को डॉक्टरों की विशेष टीम की निगरानी में रखा गया है।

अबतक 7 मामले सामने आए -जिले मेंस्वाइन फ्लू के अब तक 7 संदिग्ध मामले सामने आए। लाहोरी, बरनावद के सामने अाए मरीजाें की जांच रिपोर्ट जबलपुर से निगेटिव मिली। हालांकि ग्राम टुंगनी की महिला की जबलपुर लैब से ही जांच नहीं हो सकी। झोंकर के मरीज की जांच रिपोर्ट शनिवार को मिली, जो पॉजीटिव है। इधर, बेरछा झोंकर के ही एक अन्य मरीज को फिलहाल संदिग्ध माना है। मरीजों में स्वाइन फ्लू होने और होने की पुष्टि जबलपुर लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। इधर, शनिवार को सुसनेर के ग्राम माणा की एक 45 वर्षीय महिला की तेज बुखार का इलाज लेने के दौरान इंदौर एमवाय अस्पताल मंे मौत हो गई। हालांकि उनकी भी जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।

निजीअस्पतालों के चिकित्सक नहीं कर सकेंगे इलाज -मरीजों केसीधे निजी नर्सिंग होम में इलाज कराकर बाहर रैफर करने के कारण स्थानीय स्तर पर कोई रिकार्ड नहीं होता। इसी को ध्यान में रखते हुए हाल ही में सीएमएचओ डॉ. अनुसुइया गवली ने जिले के सभी नर्सिंग होम संचालकाें को नोटिस जारी कर दिया। इसके तहत निजी नर्सिंग होम संचालक स्वाइन फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजाें का सीधा इलाज नहीं सकेंगे। उन्हें सीधे सीएमएचओ कार्यालय में सूचना देना हाेगी। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस 108 मौके पर पहुंचेगी और मरीज को लेकर जिला अस्पताल पहुंचेगी।

अलगसे काउंटर -अस्पताल प्रबंधनने सर्दी-खांसी के मरीजों के लिए सभी अस्पतालों में अलग से काउंटर बनाने के निर्देश दिए हैं। निर्देश मिलते ही जिले में अलग से काउंटर भी खोल दिया गया है।

झांेकरपहुंचा अमला- झोंकरमें दो संदिग्ध मरीज मिलने के मामले में शनिवार को ग्राम के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डाॅ. आशीष सक्सेना टीम के साथ दोनों प्रभावितों के घर पहुंचे। इसके पूर्व 4 फरवरी को जिला चिकित्सालय से डॉ. आलोक सक्सेना ने पहले मरीज के घर का दौरा कर उनके परिजनों का परीक्षण कर उन्हें एहतियातन दवाइयां देकर स्वच्छता के निर्देश दिए थे। शनिवार को भास्कर में सरफराजुद्दीन का मामला सामने आने पर दोनों के घर पर जांच की गई। सरफराजुद्दीन की प|ी आयशा बी को सर्दी-जुकाम, खांसी की दवाई दी गई है। परिवार के अन्य सदस्य स्वस्थ हैं। गांव में दो सुअर भी मृत पाए गए। झोंकर में गंदगी की भरमार है। पंचायत के पास सफाई मृत पशुओं के शव निपटान की कोई व्यवस्था भी नहीं है। स्वास्थ्य केंद्र में सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या भी शनिवार को 75 के पार पहुंच गई।

सुसनेरमें महिला की मौत के

बाद अस्पताल में सतर्कता -पेज 5 पर

फ्लू के लक्षण इलाज

{एश्रेणी- हल्काबुखार, खांसी, गले में खराश के साथ दर्द, उल्टी-दस्त।

इलाज-अस्पतालसे सर्दी-खांसी का इलाज कराएं। घर में परिजनों से दूर रहें।

{बी श्रेणी-तेजबुखार, खांसी, गले में खराश के साथ दर्द, सांस लेने में तकलीफ।

इलाज-सरकारीअस्पताल में स्वाइन फ्लू ओपीडी में जांच कराएं। मास्क लगाएं।

{सीश्रेणी- तेजबुखार, खांसी, गले में खराश के साथ दर्द, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, ब्लड प्रेशर कम होना, थूक के साथ खून आना, चिढ़चिढ़ापन।

इलाज-जांचकराकर डाॅक्टर से परामर्श लें। खांसते-छींकते समय मास्क लगाकर रखें।

^झोंकर के मरीज की जबलपुर से पॉजीटिव रिपोर्ट आई है। हालांकि मरीज की हालत में सुधार हो गया है। वेंटिलेटर से हटाकर उसे अब सामान्य वार्ड में शिफ्ट करा दिया गया है। सर्दी-खांसी के मरीजों के लिए भी अस्पताल से अलग से काउंटर खोला गया है। डॉ.अनुसुइया गवली, सीएमएचओ