अब समय पर खुलने लगे जिले के सरकारी स्कूल
प्रशासनिक सख्ती के बाद अब जिले के सरकारी स्कूलों का बिगड़ा ढर्रा अब सुधरने लगा है। लगातार 15 दिनों से चल रही मॉनिटरिंग को लेकर शिक्षकों में इतना खौफ है कि अब वे समय पर स्कूल पहुंचने लगे हैं। नेतागिरी करने वाले कई शिक्षक जो इससे पहले कई-कई दिनों तक स्कूल से गायब रहते और स्कूल पहुंचने पर भी क्लास लेना पंसद नहीं करते, अब वे भी पूरे समय स्कूल में उपस्थिति दर्ज कराते हुए क्लास में बच्चों को पढ़ाते नजर आने लगे हैं।
सुधार की स्थिति शनिवार देररात सामने आए औचक निरीक्षण रिपोर्ट के आंकड़ों को मिलान करने पर सामने आए। इस दिन शिक्षा विभाग की टीम ने सुबह से शाम तक कुल 150 स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। इसमें से सिर्फ 3 ऐसे स्कूल मिले जहां कार्यरत 6 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। जबकि 147 शासकीय स्कूलों में व्यवस्था ठीक मिली। यह रिपोर्ट देखने के बाद जिम्मेदार अफसरों ने भी माना कि सरकारी स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था में अब सुधार हुआ है। सुधार को देख प्रशासनिक अफसरों ने परीक्षा होने तक हर दिन मॉनिटरिंग चलते रहने की बात कही है।
शनिवार को सिर्फ तीन स्कूलों में मिली अनियमितता- शुरुआत में जहां एक ही दिन में 41 से ज्यादा शिक्षक अनुपस्थित मिले। वहीं प्रशासनिक सख्ती के बाद इस आंकड़े में सुधार हुआ और शनिवार को जिलेभर के 150 स्कूलों के औचक निरीक्षण में सिर्फ तीन स्कूलों के 6 शिक्षक ही अनुपस्थित मिले। तीनों स्कूलों मो. बड़ोदिया ब्लाॅक के हैं। इसमें अलिसरखेड़ा के प्रावि में 4 शिक्षक, किलोदा और सागड़िया के प्रावि में 1-1 शिक्षक का नाम शामिल है। शेष 147 स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था ठीक मिली। इस मान से प्रशासनिक सख्ती के बार सरकारी स्कूलों में सुधार के परिणाम सामने आने लगे हैं।
शिक्षकों की समस्याएं भी 15 दिन में निबटाने के निर्देश- लगातार हो रहे स्कूलों के निरीक्षण के दौरान कुछ शिक्षकों ने कलेक्टर को शिक्षकों को आ रही समस्याओं से भी अवगत कराया। इस पर कलेक्टर राजीव शर्मा ने डीईओ थॉमस भूरिया को निर्देश दिए कि वे अगले 15 दिन में शिक्षकों की सारी समस्याओं का निपटारा कराएं। जो समस्याएं हल नहीं होगी, उन्हें निबटाने के लिए परीक्षा निपटते ही शिविर लगाकर निराकरण करा दिया जाएगा।
दूसरी बार लापरवाही सामने आते ही रुकेगी वेतनवृद्धि
ऑपरेशन द्रोणाचार्य के तहत हर दिन अलग-अलग विभागों के माध्यम से कराई जा रही मॉनिटरिंग से स्कूली शिक्षण व्यवस्था में सुधार के संकेत मिले हैं। शिक्षकों को भी अपना दायित्व समझते हुए बच्चों के भविष्य को संवारने का प्रयास करना चाहिए। स्कूलों की मॉनिटरिंग के दौरान यदि कोई शिक्षक दूसरी बार भी लापरवाही करते मिला तो वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की जाएगी। राजीव शर्मा, कलेक्टर शाजापुर
अफसरों को भी नोटिस
शिक्षकों की लापरवाही को देखते हुए कलेक्टर शर्मा ने इनकी मॉनिटरिंग के लिए लगाए अफसरों को भी इनका दोषी माना और उन पर भी कार्रवाई की। अनुपस्थित मिलने वाले शिक्षकों का वेतन काटने के साथ ही कलेक्टर ने इनके अधिकारी बीईओ, बीआरसी और बीएससी को नोटिस थमाते हुए जवाब मांगा। बाकायदा इसके साथ ही उन्हें अब अपने क्षेत्र के स्कूल की व्यवस्थाएं सुधारने की हिदायत भी दे डाली।
1 फरवरी से अब तक 80 शिक्षकों का वेतन काटा
सुधार के लिए कलेक्टर ने ऑपरेशन द्रोणाचार्य के दूसरे चरण की शुरुआत 1 फरवरी से शुरू कर दी। इसके तहत अब परीक्षा होने तक हर दिन शासकीय स्कूलों की मॉनिटरिंग की प्लानिंग बनी और निरीक्षण के दौरान लापरवाही सामने आने पर सीधे संबंधितों पर कार्रवाई का फैसला लिया गया। बाकायदा इसके लिए हर दिन अगल-अलग विभागों के माध्यम से अलग-अलग दिन मॉनिटरिंग शुरू हुई। पहले ही दिन 1 फरवरी को करीब 100 स्कूलों का औचक निरीक्षण किया गया। इसमें 41 शिक्षक अनुपस्थिति मिले। इनकी रिपोर्ट रात करीब 10.30 बजे कलेक्टर राजीव शर्मा के सामने पेश हुई और उन्होंने तत्काल लापरवाही करने वाले इन शिक्षकों के वेतन काटने के निर्देश दिए। विभाग ने अगले ही दिन सभी शिक्षकों का एक दिन का वेतन काट दिया। इसके बाद लगातार 15 दिनों से अलग-अलग विभाग के अफसरों के माध्यम से स्कूलों का निरीक्षण चल रहा है। इसमें अब तक कुल 80 शिक्षकों पर एक दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की जा चुकी है।