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वैक्सीन की स्मार्ट निगरानी, तापमान ज्यादा होने पर बजेगा अलार्म

5 वर्ष पहले
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आगर व शाजापुर जिले में कुछ दिनों बाद शुरू होगी यह सुविधा

भास्कर संवाददाता | सुसनेर

वैक्सीन की स्मार्ट निगरानी शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य मंत्रालय यूनाइटेड नेशन डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) एवं ग्लोबल अलायंस फॉर वैक्सीन एंड इम्यूनाइजेशन (गावी) के तकनीकी सहयोग से आगर व शाजापुर जिले में इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क इविन से वैक्सीन केंद्रों को जोडा़ जा रहा है। जिले के सभी केंद्रों को इविन इंडिया साॅफ्टवेयर से लैस स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए गए हैं।

सॉफ्टवेयर से अभी केंद्र में वैक्सीन की उपलब्धता, कमी, वितरण उपयोग की जानकारी आॅनलाइन डाटा अपलोड होना शुरू हो गया है। आगामी 19 या 20 फरवरी से जिले के सभी 7 फोकल पाइंटों में वैक्सीन का तापमान भी आॅनलाइन होने जा रहा है। इससे वैक्सीन के खराब होने का अंदेशा न के बराबर हो जाएगा। दोनों जिलों के सभी फोकल पाइंटों पर अलार्म सिस्टम शुरू हो जाएगा। हर वैक्सीन फोकल पाइंट पर अलार्म लगाए जाएगा जो वैक्सीन के निर्धारित तापमान को बताता रहेगा। अभी तापमान की रीडिंग डीप फ्रीजर और आईएलआर में रखे थर्मामीटर से की जाती है। वैक्सीन के आॅनलाइन सिस्टम की माॅनिटरिंग के लिए शासन द्वारा जिले में बीसीसीएम वैक्सीन लॉजिस्टिक एवं कोल्ड मैनेजर की नियुक्ति की गई है।

रियल टाइम टेम्प्रेचर लॉगर करेगा अलर्ट- इविन के तहत संभागीय, जिला से लेकर ब्लॉक स्तर तक के वैक्सीन स्टोर कोल्ड चेन पाइंट से आइस लाइंड रेफ्रिजरेटर डीप फ्रीजर, वॉक इन कूलर, वॉक इन फ्रीजर पर रियल टाइम टेम्प्रेचर लॉगर लगाया जाएगा। वैक्सीन का निर्धारित तापमान प्लस 2 डिग्री सेल्सियस से प्लस 8 डिग्री सेल्सियस नहीं होने पर अलार्म बजेगा एवं टेम्प्रेचर लॉगर चेतावनी का एसएमएस भी भेजेगा। कोल्ड चेन के उपकरणों में भी सेंसर लगाया जाएगा।

वैक्सीन की कमी की जानकारी मिल रही आॅनलाइन- अभी इस साॅफ्टवेयर के माध्यम से वैक्सीन भंडारण की स्थिति क्या है। किस दिन कितना वितरण हो गया है। कितना बचा है। ये सब जानकारियां एलईडी पर जिले के साथ भोपाल व नई दिल्ली में बैठे अधिकारी भी देख सकते हैं। बीते कुछ दिनो में इस प्रयोग के बेहतर परिणाम आए हैं।

ये हैं खूबियां
निर्धारित तापमान में वैक्सीन रखे हैं या नहीं, इसका पता लगेगा।

लॉगर सिस्टम सेंसर से कनेक्ट होगा।

लाल, पीला व हरे रंग से सेंसर से होगी कूलिंग की रीडिंग।

कूलिंग के उतार-चढ़ाव की जानकारी मिल सकेगी।

हर 10 मिनट में रीडिंग होगी। काउंट आॅनलाइन पहुंचेगी।

हर घंटे की कूलिंग की रिपोर्ट निकाल सकते हैं।

वैक्सीन कोल्ड चेन केंद्रों पर वैक्सीन उपकरणों में टेम्प्रेचर लॉगर लगाए जाएंगे। उन्हें इविन से जोड़ा जाएगा। इससे वैक्सीन के रखरखाव में जरा सी भी गड़बड़ी होने पर तत्काल अलर्ट आएगा। रियल टाइम टेम्प्रेचर संभवत: आगामी 19-20 फरवरी से शुरू हो जाएगा। इसकी ट्रेनिंग अभी होना है। वरुण दवे, बीसीसीएम, आगर-मालवा

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