एक माह तक दी सेवा, शांतिकुंज लौटने से पहले किया सम्मान
इंटर्नशिप के लिए आए थे तीन छात्र, योग, व्यक्तित्व विकास के गुर सिखाए
भास्कर संवाददाता | शाजापुर
देव संस्कृति विवि शांतिकुंज हरिद्वार से इंटर्नशिप के लिए अलग-अलग प्रदेशों में रहने वाले तीन छात्र शाजापुर आए। तीनाें ने मां गायत्री शक्तिपीठ प्रबंधन के माध्यम से महीनेभर यहीं रहकर शहरवासियों से लेकर विद्यार्थियों को योग, वैकल्पिक चिकित्सा, व्यक्तित्व विकास, जीवन जीने की कला के गुर सिखाए। छात्रों के रविवार को पुन: शांतिकुज लौटने से पहले शक्तिपीठ पर समारोह आयोजित कर उनका सम्मान किया गया।
रविवार को शक्तिपीठ पर आयोजित हुए समारोह में बतौर अतिथि कलेक्टर राजीव शर्मा व जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी मोहन मारू मौजूद रहे। कलेक्टर शर्मा ने संबोधन के दौरान गायत्री परिवार को समाज का अभिन्न मार्गदर्शक बताया। इस अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार से आए छात्र खिलेश साहू (छत्तीसगढ़), दिलीप रजक (नेपाल) व प्रांशु मौर्य (उप्र) को स्मृति चिह्न और श्रीफल भेंट करके सम्मानित किया। जानकारी देते हुए शक्तिपीठ प्रबंधन के शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि तीनों छात्रों ने एक महीने तक अपनी नि:शुल्क सेवाएं दी। शक्तिपीठ पर प्रतिदिन सुबह 5.30 से 7 बजे तक लगाई गई योग और वैकल्पिक चिकित्सा क्लास में नगरवासियों को लाभांवित किया। जिले के विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों को व्यक्तित्व विकास, जीवन जीने की कला आदि के गुर भी सिखाए। इस अवसर पर शक्तिपीठ परिवार के कई सदस्य भी मौजूद रहे।
समारोह के दौरान शांतिकुंज से अाए छात्रों को सम्मानित करते कलेक्टर शर्मा।
सेवा पर सम्मानित