फिर हादसा, अच्छी सड़क बनते ही रफ्तार बढ़ी; पांच दिन में 6 मौत
दुर्घटना
पीछे से आ रहे ट्रक ने बस को इतनी जोर से टक्कर मारी कि बस आगे जा रहे कंटेनर
से जा टकराई
तेज रफ्तार के कारण हाईवे पर शुक्रवार सुबह दुर्घटना हो गई। नर्सरी और एलकेजी के करीब 25 बच्चों को स्कूल ले जा रही बस को पीछे से आ रहे ट्रक ने इतनी जोर से टक्कर मारी कि बस आगे जो रहे कंटेनर से टकराई और कंटेनर ने भी आगे खड़ी बस को टक्कर मार दी। दुर्घटना में स्कूली बस के आगे-पीछे दोनों तरफ के कांच फूट गए। इससे घबराकर बस में सवार बच्चे रोने लगे। एक के बाद एक चार वाहनों की टक्कर होने से करीब आधे घंटे तक हाईवे पर जाम की स्थिति रही। जैसे-तैसे चालक व कंडक्टर ने उन्हें शांत कराकर स्कूल छोड़ा। गनीमत रही ही पीछे वाले ट्रक चालक ने ब्रेक लगाकर गाड़ी रोक ली वरना बड़ा हादसा हो जाता।
दुर्घटना शुक्रवार सुबह 8.30 बजे हुई। एबी रोड स्थित एमजी काॅन्वेंट की बस 25 से ज्यादा बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रही थी। तभी मां राजराजेश्वरी मंदिर के पास तेज रफ्तार से आ रहे केले से भरे ट्रक ने बस को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर से बस को झटका लगा और कोशिश के बाद भी चालक गाड़ी को रोक नहीं पाया। बस आगे जा रहे कंटेनर से टकराई और कंटेनर को भी जोरदार धक्का लगने से उसने भी सामने खड़ी एक अन्य बस को टक्कर मार दी। आगे और पीछे दाेनाें तरफ कंटेनर और ट्रक की टक्कर लगने से बस के दोनों तरफ के कांच फूट गए। तेज आवाज और कांच फूटते देख बस में सवार बच्चे घबरा गए। नर्सरी से एलकेजी तक के छोटे बच्चे हादसे से डरे और रो पड़े। इधर, बच्चों को समझाकर चुप करने के बजाय बस चालक और ट्रक चालकों के बीच विवाद हो गया। हालांकि वहां पहुंची डायल 100 की टीम व पुलिस जवानों ने चालकों को अलग किया और थाने ले गए। थाने पहुंचते ही चालकों के बीच समझौता हो गया।
स्कूल पहुंचने के बाद सामान्य हुए बच्चे
दुर्घटना से स्कूली बच्चे इतना डर गए कि वे सिर्फ रोते रहे। बस चालक व कंडक्टर ने उन्हें स्कूल छोड़ा। स्कूल पहुंचने के बाद बच्चों का डर कुछ कम हुआ और वे सामान्य हुए।
पहले खस्ताहाल सड़कों पर
रुक-रुककर चलते थे वाहन
अब तक खस्ताहाल और उखड़ी सड़क पर रुक-रुककर चलने वाले वाहन चालकों को अब पिछले कुछ दिनों से अच्छी सड़क मिल गई है। ऐसे में उनका वाहन की गति पर कंट्रोल नहीं है। यही वजह है शहरी क्षेत्र में भी वे तेज रफ्तार से वाहन चलाने से बाज नहीं आ रहे। तेज रफ्तार से ही जिले में पिछले 5 दिन से लगातार दुर्घटनाएं हो रही है। एक महिला की टंकी चौराहे के पास मौत हो गई। बुधवार देर रात मक्सी उज्जैन रोड पर दुर्घटना में 5 लोगों की मौत हुई। इसके एक दिन पहले मंगलवार को भी दो ट्रक चालकों ने डिवाइडर से ही गाड़ी ठोंक दी थी। जिम्मेदारों को वाहनों की गति पर कंट्रोल कराने पर ध्यान देने की जरूरत है।
हाईवे के अफसरों से करेंगे चर्चा
वैसे हमने हमारे स्तर से पुलिस बेरिकेड्स लगाकर वाहनों की गति कम करने का प्रयास करते हैं। शहर के बीच से निकले हाईवे पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए पहले भी कई बार एनएचएआई विभाग से चर्चा की जा चुकी है। अब फिर उनके मिलकर इसकी योजना बनाएंगे। पी.के. व्यास, टीआई ट्रैफिक थाना
पीछे से टक्कर लगने से बस का पीछे का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
ट्रक की टक्कर से बस का सामने से कांच फूट गया।
मंडी आने वालों को हेलमेट पहनने की नसीहत
शाजापुर | बाइक चलाते समय लोगों में हेलमेट नहीं पहनने की आदत में अब जल्द ही सुधार आाएगा। जिलेभर में इसके लिए प्रशासन स्तर पर कसावट लाई जा रही है। एक तरफ पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं दिया जा रहा, वहीं शासकीय कार्यालयों में अफसरों ने भी सख्ती की है। इसी शृंखला में शुक्रवार को मंडी में भी लोगों को जागरूक करने के लिए पहल की गई। नीलामी के पहले यहां आए किसानों और व्यापारियों को हेलमेट पहने की समझाइश दी। साथ ही परिसर में एनाउंसमेंट करवा हेलमेट अनिवार्यता की जानकारी सूचना पटल पर चस्पा की गई। इसके बाद भी यदि कोई नहीं मानता है तो मंडी प्रबंधन उसे अपने तरीके से जिम्मेदारी का बोध कराएगा। अशोक कुमार जोशी, किशनसिंह परमार, राजीव श्रीवास्तव, अनिल जैन, भारत शर्मा, विनोद कुशवाह, अजीज खां, मुकेश विश्वकर्मा सहित व्यापारी राकेश शर्मा, योगेंद्र सिंह ठाकुर, मनोहर जैन सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद थे।
पहले कर्मचारियों ने पहने- मंडी कर्मचारियों ने शुक्रवार को हेलमेट पहनने का लोगों को पाठ पढ़ाया। इसके पहले सभी कर्मचारियों ने खुद आगे रहकर हेलमेट पहने।