पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • अफसर आए नहीं, मायूस लाैटे किसान

अफसर आए नहीं, मायूस लाैटे किसान

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पांच गांवों के ढाई सैकड़ा किसान फैसला होने की उम्मीद लेकर आए थे नेशनल लोक अदालत में।

भास्करसंवाददाता| श्योपुर

अपरककैटो बांध के डूब क्षेत्र में आने से प्रभावित हुए आधा दर्जन गांवों के ढाई सैकड़ा से अधिक किसान नेशनल लोक अदालत से मायूस लौट गए। दरअसल आज लोक अदालत में इन किसानों को मिलने वाले मुआवजे को लेकर फैसला होना था लेकिन सिंचाई विभाग के अफसर लोक अदालत में आए ही नहीं।

इसकी शिकायत आक्रोशित किसानों ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश एनके सत्संगी से भी की। अपर ककैटो बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले धोबनी, फरारा, सेवला, नहरखेड़ा, खुर्रका आदि गांवों के आधा सैकड़ा ग्रामीण करीब 175 किलोमीटर की दूरी तय कर नेशनल लोक अदालत में आए थे। इन किसानों को सिंचाई और राजस्व विभाग ने मुआवजा वितरण का फैसला करने के लिए लोक अदालत में हाजिर होने को कहा था। बाकायदा ढाई सैकड़ा किसानों को इसके लिए नोटिस भी दिए गए थे। लेकिन नेशनल लोक अदालत में सिंचाई विभाग का कोई अफसर नहीं पहुंचा और ही विजयपुर एसडीएम मनोज माथुर। इस बीच लोक अदालत का निरीक्षण कर रहे जिला एवं सत्र न्यायाधीश एनके सत्संगी को भी किसानों ने अपनी पीड़ा सुनाई। दोपहर बाद सभी किसान लोक अदालत में कोई फैसला नहीं होने पर अपने गांव वापस लौट गए।

लक्ष्यसे कहीं अिधक मामलों का किया निपटारा: जिलारजिस्टार एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव जेके बाजौलिया ने बताया कि लोक अदालत में लक्ष्य से कहीं अधिक मामलों का निपटारा करने में खंडपीठों के पीठासीन अधिकारी, विभागीय अधिकारी, न्यायाधीशगण, अधिवक्ताओंं और वादी-प्रतिवादियों ने अहम भूमिका निभाई।

कोर्ट परिसर में खड़े अपर ककैटो बांध डूब प्रभावित क्षेत्र के किसान।

भूमिहीन किसान को 31 हजार का बिल भरने दिया नोटिस

नेशनललोक अदालत में पहुंचे सिमरई निवासी केदार पुत्र कुंअरराज यादव के पास तो तो एक बिस्वा जमीन है और ही कृषि ट्यूबवैल कनेक्शन। इसके बावजूद भी बिजली कंपनी ने उसे 31 हजार रुपए से ज्यादा का बकाया बिल जमा कराने का नोटिस दे दिया। लोक अदालत में केदार यादव बिजली कंपनी के अफसरों के सामने खूब गिड़गिड़ाया। लेकिन उसकी एक नहीं सुनी। उसने बताया कि मैं मजदूरी कर परिवार की आजीविका चलाता हूं। ऐसे में कंपनी ने मुझे कैसे नोटिस जारी कर दिया। इसी प्रकार विजयपुर निवासी लखपत पुत्र प्रयाग सिंह बिजली कंपनी ने 31 हजार रुप