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ओपीडी में पर्चा बनने पर तीन सौ मरीज बिना इलाज कराए लौटे

7 वर्ष पहले
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जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं से नाराज मरीजों ने की तोड़फोड़।

भास्करसंवाददाता| श्योपुर

जिलाअस्पताल में सोमवार को अव्यवस्थाओं को लेकर मरीजों के परिजन ने जमकर हंगामा किया। ओपीडी के काउंटर पर पर्चे बनाने की व्यवस्था ठप होने से गुस्साए लोगों ने काउंटर पर तोडफ़ोड़ कर दी। इससे ओपीडी के शीशे टूट गए। सुबह की शिफ्ट में पर्चा बन पाने के कारण तीन सौ मरीज बिना इलाज कराए घर लौट गए। उधर अस्पताल में मरीजों पानी तक नहीं मिला। सोमवार सुबह से ही अस्पताल की टंकियों में पानी खत्म हो गया था। मरीजों के लिए परिजन को पानी खरीदकर लाना पड़ा।

कंप्यूटरपांच और आपरेटर दो: जिलाअस्पताल के ओपीडी काउंटर पर रोगी पर्ची बनाने के लिए पांच कंप्यूटर लगे हुए है, लेकिन सोमवार को दो कंप्यूटर ही आपरेटर ने ही काम किया। इससे पर्चे बनाने का काम धीमा पड़ गया। यही कारण था कि लंबी कतार में खड़े अटेंडरों का सब्र टूट गया।

मरीजपर्चा बनने का इंतजार करते रहे, डॉक्टर ओपीडी से निकल गए: हंगामेके बाद ओपीडी काउंटर पर पर्चा बनाने की व्यवस्था और ज्यादा बिगड़ गई। देर दोपहर तक कई मरीजों के पर्चे नहीं बन पाए। उधर 1 बजते ही सभी डॉक्टर भी ओपीडी से चले गए। मजबूरन तीन सौ मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ा। वहीं परमजीत कौर और अपर्णा शर्मा का कहना था पर्चा बनने के कारण उनके मरीजों की तबियत ज्यादा खराब हो गई, उनकी किसी ने सुनवाई तक नहीं की।

जिला अस्पताल की ओपीडी केबिन का टूटा शीशा।

मैं टीएल मीटिंग में था, इसलिए हुआ हंगामा

^मैंटीएल मीटिंग में चला गया था। इसके बाद अस्पताल में व्यवस्था बिगड़ गई थी। कुछ मरीजों के परिजन ने हंगामा कर ओपीडी केबिन का शीशा तक तोड़ दिया। हमने ओपीडी में पर्चे बनाने के लिए ऑपरेटरों की संख्या बढ़ाने के लिए संबंधित कंपनी को हिदायत दी है। डॉ.एके गर्ग, प्रभारीसिविल सर्जन, जिला अस्पताल, श्योपुर