सीप नदी पुल जर्जर, मेंटेनेंस कार्य छोड़कर भागा ठेकेदार, हो रहे हादसे
पुल से प्रतिदिन गुजरते हैं 300 से अधिक यात्री वाहन
भास्कर संवाददाता|श्योपुर/मानपुर
मानपुर-ढोढर मार्ग पर जर्जर सीप नदी पुल का मेंटेनेंस कार्य 90 प्रतिशत अधूरा छोड़कर ठेकेदार आठ महीने से गायब है। मप्र ब्रिज कार्पोरेशन ने पुल की मरम्मत के लिए 32 लाख रुपए में टेंडर मंजूर कर दिसंबर 2013 में वर्कऑर्डर दिए थे। ठेेकेदार को दस महीने पूरा काम कंप्लीट कराना था । लेकिन 26 महीने गुजरने के बावजूद अभी तक मौके पर सिर्फ 10 फीसदी काम हुआ है। विभाग ने ठेकेदार को दो लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया। अब ठेकेदार गायब है। ग्रामीणों ने शनिवार को सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही मानपुर में एक बैठक की। जिसमें पुल की मरम्मत का काम जल्द शुरू नहीं होने की दशा में आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि मानपुर- ढोढर मार्ग पर 39 साल पूर्व बना सीप नदी पुल अत्यंत जीर्णशीर्ण होने से इसके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं इस पुल से रोजाना गुजरने वाले तीन सौ छोटे-बड़े वाहन चालकों के साथ ही 70 गांवों के लोग परेशान हैं। जर्जर पुल के मेंटेनेंस को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों की लंबी जद्दोजहद के बाद मप्र ब्रिज कार्पोरेशन ने 32 लाख रुपए में आतरा कंस्ट्रक्शन कंपनी ग्वालियर को ठेका दिया था।
ब्रिज कार्पोरेशन की अनदेखी को लेकर मानपुर में युवाओं ने बैठक में आंदोलन का निर्णय।
दिसंबर 2014 तक पूरा होना था मेंटेनेंस
विभाग ने दिसंबर 2013 को वर्क ऑर्डर जारी किए। टेंडर शर्तों के मुताबिक ठेकेदार को दिसंबर 2014 तक पुल की मेंटेनेंस का काम कंपलीट कराना था। लेकिन समय सीमा बीतने के 14 महीने बाद भी पुल का मेंटेनेंस कार्य 90 प्रतिशत अधूरा है।
पीडब्ल्यूडी अफसरों ने ठेकेदार का लाइसेंस सस्पेंड करने का प्रस्ताव भेजा
यह काम बकाया
पुल की दोनों साइड रेलिंग दुरुस्त की जानी है।
पुल के पिलर व स्लैब की मरम्मत।
पुल की रंगाई व पुताई ।
रेलिंग टूटी, आए दिन हो रहे हादसे
सीप नदी पुल का कुछ भी सही सलामत नहीं है। पुल की टूटी हुई रेलिंग हादसों की वजह बन रही है। पुल से वाहनों के नदी में गिरकर लोगों के घायल होने की चार घटनाएं पिछले एक साल में हुई है। जबकि पुल के मुहाने पर बाइक सवार एक युवक की मौत भी हो चुकी है।
ठेका टर्मिनेट तथा रजिस्ट्रेशन सस्पेंड करने का प्रस्ताव भेजा
मानपुर में सीप नदी पुल के मेंटेनेंस कराने वाले ठेेकेदार का आठ महीने से अतापता नहीं है। इसलिए लीगल कार्रवाई करने जा रहे हैं। कंपनी का ठेका टर्मिनेट करने का नोटिस जारी करने के अलावा उसका रजिस्ट्रेशन सस्पेंड करने का प्रस्ताव मुख्य अभियंता को भेज दिया है। वरिष्ठ अफसरों के निर्देश के अनुसार अगला कदम जल्द ही उठाएंगे। एमएस जादौन, कार्यपालन यंत्री , मप्र ब्रिज कार्पोरेशन ग्वालियर
बोल्डर व मिट्टी भरवाकर छोड़ा काम, आज तक नहीं किया शुरू
ब्रिज कार्पोरेशन द्वारा आतरा कंस्ट्रक्शन कंपनी को वर्क आर्डर के साथ पहली किश्त में दो लाख रुपए का भुगतान कर दिया था। लेकिन कंपनी ने पुल को जोडऩे वाली एप्रोच रोड पर बोल्डर व मिट्टी भरने का काम ही कराया है। जून 2015 में काम बंद कर दिया था। जो आज तक शुरू नहीं किया गया है।
मेंटेनेंस नहीं हुआ तो करेंगे आंदोलन
मप्र ब्रिज कार्पोरेशन की अनदेखी के चलते सीप नदी पुल की मरम्मत का काम अधर में लटकने से क्षेत्रवासियों में आक्रोश मुखर होने लगा है। इस संबंध में शनिवार को मानपुर कस्बे में सर्वदलीय बैठक रखी गई। जिसमें मेंटेनेंस का बकाया काम पूर्ण कराने की दिशा में विभागीय स्तर पर जल्द कारगर पहल नहीं होने पर ग्रामीणों ने नींद हराम करो आंदोलन करने का फैसला किया है। इस बारे में बैठक में आमराय से प्रस्ताव पारित करने के साथ ही कलेक्टर को पत्र लिखकर अल्टीमेटम दे दिया गया है। वहीं शनिवार को ही मानपुर निवासी कमलेश गोस्वामी ने ब्रिज कार्पोरेशन के अफसरों के विरुद्ध शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई है।
मुरैना जाने का महत्वपूर्ण रास्ता
श्योपुर से मुरैना जाने के दो रास्ते है। एक श्योपुर से व्हाया गोरस तथा दूसरा मानपुर मार्ग से। गोरस की तुलना में मानपुर होते हुए मुरैना की दूरी 50 किलोमीटर कम पड़ती है। यही वजह है कि श्योपुर और मुरैना के बीच चलने वाले ज्यादातर वाहन चालक इसी मार्ग से सफर करना मुनासिब समझते हैं। मानपुर स्थित सीप नदी पुल से रोजाना लगभग 300 यात्री बस, ट्रक, मेटाडोर, जीप, बाइक आदि वाहन गुजरते हैं। जर्जर पुल के कारण वाहन चालकों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।