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बायोवेब्स थैरेपी में न इंजेक्शन न चीरफाड़

5 वर्ष पहले
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कबीर आश्रम पर लगे निशुल्क शिविर में दिल्ली से आए डॉक्टरों ने 257 मरीजों को दिया परामर्श
शिविर
लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में इलाज पर पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है। ब्लडप्रेशर, शुगर , अस्थमा, मोटापा व डायबिटीज जैसी बीमारियों के निदान में बायोबेव्स थैरेपी कारगर है। इसमें 15 से 20 दिन में मरीज को आराम मिलने लगता है। बायोबेव्स थैरेपी से निशुल्क इलाज की सुविधा श्योपुर में दी जा रही है। यह बात शहर के कबीर आश्रम पर शनिवार को ऑलहील हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आयोजित शिविर में संस्था के सीईओ डॉ. आरके पाठक ने कही। शिविर में दिल्ली से आए विशेषज्ञ डाॅक्टरों ने ढाई सौ मरीजों की जांच कर उन्हें निशुल्क चिकित्सा परामर्श दिया।

शहर के कबीर आश्रम पर शनिवार को निशुल्क चिकित्सा शिविर में शहर समेत ग्रामीण क्षेत्र से भी मरीज पहुंचे। सुबह 11 बजे शिविर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर संस्था के सीईओ डॉ. पाठक ने कहा कि बायोबेव्स थैरेपी से पाचनतंत्र ठीक रहता है। शिविर में डॉ.ज्योति यादव ने भी अपनी सेवाएं दी।

मरीजों से पूछताछ करते दिल्ली से आए डॉक्टर।

2 माह में बीमारी से मिलेगा छुटकारा
आनहील संस्था के सीईओ डॉ.पाठक ने बताया कि ब्लडप्रेशर, शुगर, डायबिटीज जैसी जानलेवा बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए इंजेक्शन व ऑपरेशन कराने की जरूरत नहीं है। बायोबेव्स थैरेपी के माध्यम से इन बीमारियों से दो महीने मेंं छुटकारा पाना संभव है। नियमित रूप से थैरेपी लेने पर 15 से 20 दिन में मरीजों को लाभ महसूस होने लगता है।

50 शहरों में लगाए जा रहे कैंप
आनहील हेल्थकेयर संस्था द्वारा वर्तमान में उत्तरप्रदेश, राजस्थान , दिल्ली व महाराष्ट्र में 50 शहरों में बायोबेव्स थैरेपी उपचार कैंप लगाए जा रहे हैं। इनमें श्योपुर सहित मध्यप्रदेश के 6 शहरों में नियमित कैंप चल रहे हैं।

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