नक्सलियों के हकों की लड़ाई लड़ेंगे:सुब्बाराव
दो दिन के श्योपुर प्रवास पर आए डॉ.एसएन सुब्बाराव भोपाल रवाना
भास्कर संवाददाता | श्योपुर
चंबल घाटी में आतंक के पर्याय रहे 55 डकैतों का आत्मसमर्पण कराने वाले प्रसिद्ध गांधी विचारक डॉ.एसएन सुब्बाराव ने कहा कि वे अब नक्सलवादियों के साथ मिलकर उनके हकों की लड़ाई लड़ेंगे। इसके लिए अगले माह छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में कैंप लगाकर नक्सलियों को बंदूक छोड़कर अहिंसा के रास्ते पर लाएंगे। दो दिन के श्योपुर प्रवास पर आए डॉ.सुब्बाराव ने यह बात शनिवार को भोपाल रवाना होने से पूर्व शहर की पीली कोठी पर दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए कही।
इस अवसर पर श्री सुब्बाराव ने कहा कि अन्याय और अत्याचारों ने इन लोगों नक्सलवादी बना दिया है। गांव के दबंगों ने गरीबों की जमीन जबरन हथिया ली। इससे भूखों मरने की नौबत आने के कारण उन्हें मजबूर होकर लोगों ने नक्सली बनकर हथियार थाम लिए। श्री सुब्बाराव ने साफ शब्दों में कहा कि मैं नक्सलियों का समर्थक हूं, लेकिन हिंसा का नहीं। इसके लिए मार्च में छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित इलाकों में कैंप का आयोजन किया जाएगा। इन कैंप में नक्सलियों को बंदूक छोड़कर शांति और अहिंसा से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जिससे उनके व उनके बच्चों को आम आदमी की तरह जीवन जीने का आनंद मिल सके। इसके अलावा सरकार से उनके प्रति पूरी सहानुभुति रखने की उम्मीद करता हूं।
तीन दिन तक नहीं खाया था अन्न
डॉ.एसएन सुब्बाराव ने कहा कि आज भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लोग देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार मानते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता होगा कि देश के विभाजन की सूचना मिलने के बाद गांधी जी इतने व्यथित हुए थे कि उन्होंने तीन दिन तक भोजन नही किया था। भारत के बंटवारे की बात सुनते ही गांधी जी ने कहा था वे देश में आज अकेले हो गए है। कोई उनकी बात सुनने वाला नहीं हैं।
शहरवासियों ने सुब्बाराव को दी विदाई
दो दिन के श्योपुर प्रवास पर आए डॉ.एसएन सुब्बाराव को शनिवार को सुबह साढ़े नौ बजे भोपाल के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर शहरवासियों ने उन्हें विदाई दी। शहर के पीली कोठी स्थित आदित्य चौहान के निवास पर ठहरे श्री सुब्बाराव से मुलाकात के लिए शहर के गणमान्य नागरिक तथा विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अल सुबह ही पहुंचना शुरू कर दिया था।
बच्चों से दुलार करते गांधीवादी विचारक डॉ.एसएन सुब्बाराव।