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सरकारी खजाने से पैसा निकाला फिर भी आठ साल से अधूरे हैं निर्माण कार्य
ईई बोले- 36 निर्माण कार्यों के लिए रिकवरी के प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय भेजे।
भास्करसंवाददाता| श्योपुर
महात्मागांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के पैसे से ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा हाथ में लिए गए करीब आधा सैकड़ा कामों पर ग्रहण लग गया है। करीब आठ साल पुराने इन कामों में 10 से 20 प्रतिशत पैसा खर्च भी किया जा चुका है। लेकिन तो यह काम पूरे हो सके हैं और जनता के ही कोई काम आए। अब इन कार्यों की लागत भी बढ़ गई है। इसलिए नए सिरे से इन कामों को कराना पड़ेगा। आरईएस के कार्यपालन यंत्री ने करीब 36 निर्माण कार्यों में संबंधित उपयंत्रियों से किए गए खर्च की वसूली के प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेजे हैं।
श्योपुर जिले में आरईएस की ओर से कराए जा रहे विभागीय कार्यों की स्थिति खराब है। हाल में विधायक दुर्गालाल विजय द्वारा की गई समीक्षा में यह बात सामने आई थी कि श्योपुर ब्लाक में ही करीब तीन सौ से अधिक कार्य अधूरे हैं। इन्हें शुरू करने के बाद कुछ पैसा खर्च करने के बाद इंजीनियर भूल गए। सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2006-07 एवं 2007-08 और 2008-09 के इन कार्यों में आधे से अधिक बजट खर्च किया जा चुका है। लेकिन धरातल पर काम नहीं किए गए।
सभीकाम स्टॉप डैम, रपटा एवं सड़क के: जिलेमें अधूरे छोड़े गए सभी काम स्टॉपडैम, रपटा और सड़क निर्माण के हैं। नदियों एवं नालों पर रपटा बनाने के इन कामों के पूरा नहीं होने के कारण जनता परेशान है।
भेजा वसूली का प्रस्ताव
^हमनेकरीब 36 निर्माण कार्यों को पूरा नहीं कराने और पैसा आहरण करने के मामले में संबंधित उपयंत्रियों से वसूली करने के प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेज दिए हैं। रहा सवाल अधूरे कामों का तो इन सभी का रिवाइज एस्टीमेट बनाया जाकर उन्हें नए सिरे से शुरू कराया जाएगा। सीएनमिश्रा,कार्यपालन यंत्रीआरईएस श्योपुर
लापरवाही| निर्माण कार्यों पर 10 से 20 प्रतिशत राशि खर्च कर भूल गए आरईएस के इंजीनियर
अब राज्यमद से मिलेगी राशि, भेजे गए एस्टीमेट जिलेमें मनरेगा के काम अब इसलिए भी रुके हैं, क्योंकि पैसा नहीं मिल पा रहा है। इसलिए आरईएस के करीब 50 से अधिक ऐसे कामों के पुनरीक्षित एस्टीमेट तैयार कर भोपाल भेजे गए हैं। इन कामों के लिए सरकार राज्यमद से पैसा देगी।
ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग कार्यालय। (फाइल फोटो।)