खाद व्यापारियों ने बंद रखे अपने प्रतिष्ठान
उर्वरक एवं कीटनाशी नियम संशोधन के बाद स्नातकों को लाईसेंस जारी के विरोध में खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं ने सोमवार को विरोध जताकर ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि पुराने एवं अनुभवी व्यापारियों पर ऐसा नियम थोपना उनके व्यापार एवं रोजी-रोटी के साथ खिलबाड़ है। यह गसीधा-सीधा प्रतिष्ठान बंद करने का फरमान है।
नियम संशोधन के विरोध में शहर के खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं ने मंगलवार को अपनी दुकानें बंद रखीं। दुकानें बंद रखने के साथ 24 से अधिक व्यापारियों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर नारेबाजी की और डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि नियम संशोधन के तहत 2 वर्ष के अंदर कृषि स्नातक, जैव रसायन, जैव, प्राणी प्रौद्योगिकी, जीवन विज्ञान या वनस्पति विज्ञान स्नातक कर्मचारी रखने या डिप्लोमा लेने की अनिवार्यता के नियम को वे सभी सिरे से खारिज करते हैं।
इस संशोधित नियम के विरोध में मंगलवार को श्योपुर जिले के खाद, बीज और कीटनाशक व्यापारी अपनी दुकानें बंद रखकर सुबह 11 बजे कृषि मंत्री भारत सरकार के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा है। नियम वापस न लेने पर सभी व्यापारी आने वाले दिनों में उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक संघ के बैनर तले संघर्ष जारी रखेंगे।
कीटनाशक और उर्वरक दुकानें हो जाएंगी बंद
व्यापारी पवन कुमार गुप्ता का कहना है कि भारत सरकार द्वारा खाद और कीटनाशक लाईसेंस नियमों में संशोधन कर कृषि आदान व्यापार को गंभीर संकट में डालने वाला निर्णय लिया है। इस नियम की वजह से जिले में अधिकतर कीटनाशक और उर्वरक दुकानें बंद हो जाएंगी। व्यापारियों का रोजगार छिन जाएगा, वहीं किसानों को भी खाद, बीज और उर्वरक के लिए परेशान होना पड़ेगा। जनहित में इस संशोधित नियम को वापस लेना जरूरी है।
ज्ञापन सौंपने के बाद कलेक्टोरेट पर खड़े खाद,बीज एवं कीटनाशक विक्रेता।
विरोध