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ओवरलोडिंग रोकने के दिए आदेश, आरटीओ बोलीं- स्टाफ पर्याप्त नहीं
मुरैना से फ्लाइंग स्क्वॉड आने पर ही हो सकेगी ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई।
भास्करसंवाददाता| श्योपुर
कलेक्टरके आदेश के बाद ओवरलोडिंग पर कार्रवाई होना आसान नहीं है। इसलिए कि आरटीओ को कलेक्टर ने कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। लेकिन आरटीओ के पास कार्रवाई करने के लिए स्टाफ ही नहीं है। इस मामले में आरटीओ ने कलेक्टर के समक्ष अपना पक्ष भी रख दिया है और उन्होंने बिना स्टाफ के कार्रवाई करने से अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। हालांकि आरटीओ ने इसके लिए मुरैना के परिवहन अधिकारी को पत्र लिखकर अलग से फ्लाइंग स्क्वॉड मांगा है।
जिलेभर में यात्री बसों, डग्गामार जीपों और स्कूली वाहनों में बड़े पैमाने पर ओवरलोडिंग हो रही है। ओवरलोडिंग पर लगाम नहीं कसने के कारण लोग भी मजबूरी में जान जोखिम में डालकर यात्रा कर रहे हैं। कलेक्टर ने दो सप्ताह पहले राजस्व अफसरों की बैठक में ओवरलोडिंग को रोकने के लिए सिर्फ आरटीओ मधु सिंह को आदेश दिए थे। बल्कि एसडीएम और एसपी को भी इस सिलसिले में अभियान छेड़ने की बात कही थी।
कलेक्टर के आदेश को गुजरे दो सप्ताह हो गए हैं, लेकिन अभी तक तो आरटीओ ने एक भी ओवरलोड वाहन पकड़ा है और ही राजस्व पुलिस के अफसरों ने। इस बीच आरटीओ ने तो ओवरलोडिंग पर कार्रवाई करने से अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। आरटीओ का तर्क है कि उनके पास स्टाफ ही नहीं है, ऐसे में वे कार्रवाई को अंजाम कैसे दें। हालांकि इसके लिए आरटीओ ने फ्लाइंग स्क्वॉड मांगा है। वहीं इस मामले में कलेक्टर धनंजय सिंह भदौरिया से भी पहल करने की गुजारिश की है।
वाहनों में ओवरलोड सवारिया भरते वाहन चालक। (फाइल फोटो)
आरटीओ मधु सिंह ने ओवरलोडिंग पर नकेल कसने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड (उड़नदस्ते) की मांग की है। इसलिए उन्होंने मुरैना के जिला परिवहन अधिकारी को पत्र लिखा है। संभाग में केवल एक फ्लाइंग टीम मुरैना आरटीओ के ही पास है। आरटीओ की मांग की बाद यहां से उड़नदस्ता आया तो ओवरलोडिंग के खिलाफ आसानी से कार्रवाई हो सकेगी।
आरटीओ ने मुरैना परिवहन अधिकारी को भेजा पत्र
लापरवाही|कलेक्टर के आदेश के बाद आरटीओ ने मांगा फ्लाइंग स्कावॉड
तीन लोगों का स्टाफ है
^मेरेपास तीन लोगों का स्टाफ है। वह भी ऑफिस के ही काम में व्यस्त रहता है। ओवरलोडिंग के लिए तो अलग से फ्लाइंग स्क्वॉड चाहिए। इसके लिए मैंने मुरैना आरटीओ को पत्र भेजा है। मधुसिंह,आरटीओ,