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नारी परिवार समाज की धुरी

7 वर्ष पहले
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श्योपुर | सनातनभारतीय संस्कृति में नारी को पूजनीय कहा गया है। नारी ही परिवार और समाज की धुरी होती है। उसे शक्ति और भक्ति का रूप माना जाता है। मोह माया के जंजाल से मुक्त होकर महिलाओं को आत्मज्ञान जगाने की आवश्यकता है। यह बात शनिवार को संत निरंकारी मंडल द्वारा हिंदू धर्मशाला में आयोजित महिला समागम कार्यक्रम में प्रवचन देते हुए बहन वेदकुमारी ने कही। कार्यक्रम में जिलेभर से महिलाओं ने बड़ी संख्या में शिरकत की। दिल्ली से आई बहन वेदकुमारी ने कहा कि गुरुकृपा से ज्ञान प्राप्त करके महिलाएं परिवार और समाज के निर्माण में योगदान करें। उन्होंने कहा कि आज विश्वभर में नारी शक्ति को जागृत करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सद्गुरु निरंकारी बाबा का मानवता, एकता और भक्ति का संदेश जन जन तक पहुंचाया जा रहा है। करीब तीन घंटे चले कार्यक्रम का संचालन बहन परमजीत कौर ने किया। प्रवचन कार्यक्रम के बाद लंगर में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया।

शहर की हिंदू धर्मशाला में महिला समागम कार्यक्रम में क्षेत्रभर से जुटी महिलाएं।