पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • आंधी के साथ दो इंच से अधिक बारिश, पेड़ उखड़े, बंजारा डैम पर ट्रैफिक रुका

आंधी के साथ दो इंच से अधिक बारिश, पेड़ उखड़े, बंजारा डैम पर ट्रैफिक रुका

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
55 मिमी बारिश से धान, सोयाबीन की फसलों को मिला अमृत।

भास्करसंवाददाता| श्योपुर

श्योपुरशहर देहात में मंगलवार की रात डेढ़ घंटे अांधी के साथ तेज बारिश हुई। इसलिए सिर्फ खेतों में पानी जमा हो गया बल्कि शिवपुरी-पाली हाईवे किनारे के कई गांवों में हरे-भरे पेड़ उखड़कर गिर गए। इधर सीप नदी के बंजारा डैम पर वाहनों का आवागमन ठप हो गया। डैम के देर रात ओवरफ्लो होने के कारण बुधवार दोपहर बाद भी इस डैम से होकर निकले मार्ग से वाहनों की आवाजाही नहीं हुई। साथ ही ओवरब्रिज पर निर्माण कार्य चालू रहने के कारण चारपहिया वाहनों को जैदा होकर निकाला जा सका। कृषि वैज्ञानिकों ने इस बारिश को धान, सोयाबीन की फसलों के लिए अमृत करार दिया है। हालांकि यह बारिश सिर्फ श्योपुर ब्लाक में ही दर्ज की गई।

देर रात करीब साढ़े नौ बजे अचानक तेज बारिश होने लगी। पहले मौसम बदला और आंधी चली। यह हवा इतनी तेज थी कि पेड़ भरभराने लगे और टीन उड़ने लगीं। रुक-रुककर रात करीब 12 बजे तक चली इस बारिश ने शहर गांवों को भिगो दिया। उधर जाटखेड़ा के पास आंधी के कारण कई पेड़ जमींदोज हो गए। शहर में दुर्घटना की आशंका के चलते देर रात बिजली सप्लाई भी बंद कर दी गई। जो आधी रात के बाद बहाल की जा सकी। इस बारिश का सर्वाधिक असर सीप नदी पर पड़ा। नदी में रात 12 बजे के बाद उफान आने से बंजारा डैम ओवरफ्लो हो गया।

बंजारा डैम से होकर निकलने वाले बड़ौदा मार्ग पर आवागमन देर रात रुका तो दूसरे दिन भी बहाल नहीं हो सका। इसलिए नदी पर बने ओवरब्रिज पर भी ठेकेदार निर्माण कार्य कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि बंजारा डैम और ओवरब्रिज दोनों बंद होने के कारण चारपहिया भारी वाहनों की आवाजाही जैदा बायपास से होकर की गई।

सरसों के खेतों में भी बढ़ेगी नमी

ब्लाकके ज्यादातर हिस्सों में पानी के अभाव में सोयाबीन की फसल खराब हो चुकी है। इसलिए किसानों ने सोयाबीन के खेतों को जोतकर सरसों की बोवनी के लिए तैयार किया है। इन खेतों के लिए भी बीती रात की बारिश अच्छी साबित होगी। इसलिए कि सरसों की बोवनी के लिए नमी की जरूरत होगी। इस बारिश से खेतों की मिट्टी में नमी बनेगी। यह बोवनी के लिए फायदेमंद साबित होगी।

धान, सोयाबीन के लिए अमृत

जिलेमें धान और सोयाबीन की फसल खड़ी है। धान के लिए पानी की पूर्ति किसान ट्यूबवेल से कर रहे हैं। लेकिन बीती रात की बारिश ब्लाक में खड़ी ध