पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मीटिंग में 20 मिनट लेट आए दो अफसरों को पौन घंटे बैठाया बाहर

मीटिंग में 20 मिनट लेट आए दो अफसरों को पौन घंटे बैठाया बाहर

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
ठीक 10 बजे शुरू हुई टीएल मीटिंग में देरी से आने के कारण दो अफसरोंं को बाहर बैठाया।

भास्करसंवाददाता| श्योपुर

कलेक्टरकी मीटिंग में तय समय से 15-20 मिनट देरी से पहुंचना दो अफसरों को महंगा पड़ गया। कलेक्टर धनंजय सिंह भदौरिया ने इन अफसरों को कुर्सी पर बैठने से पहले ही वापस कर दिया और मीटिंग में शरीक कराने की बजाय बाहर बैठा दिया। करीब पौन घंटे तक बाहर बैठाने के बाद कलेक्टर ने दोनों को मीटिंग में ज्वाइन कराया। इस घटनाक्रम से सिर्फ प्रशासनिक गलियारे में हलचल मच गई बल्कि अफसर भी कलेक्टर के तीखे तेवरों से घबराए नजर आए।

दरअसल, सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में होने वाली टीएल मीटिंग का समय सुबह 10 बजे का है। अपनी ज्वाइनिंग के ठीक बाद कलेक्टर धनंजय सिंह भदौरिया ने अफसरों से साफ कहा था कि मीटिंग तय समय से शुरू होगी। इसलिए अफसर दो मिनट पहले ही मीटिंग हॉल में जाएं। ऐसा होने की स्थिति में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ज्यादातर अफसरों ने कलेक्टर के इस आदेश को गंभीरता से लिया, लेकिन कुछ अफसर लेटलतीफी से बाज आए।

सोमवार को टीएल मीटिंग शुरू होने के 20 मिनट यहां पहुंचे जिला शिक्षाधिकारी हरिओम चतुर्वेदी और उप संचालक पशु चिकित्सा एमके शर्मा को कलेक्टर ने मीटिंग हॉल में बैठने नहीं दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि लेट आए तो अब बाहर बैठना होगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कलेक्टर के तीखे तेवरों के चलते अफसर बगैर कुछ सफाई दिए सीधे मीटिंग हॉल से बाहर हो गए।

वह करीब पौन घंटे तक वेटिंग रूम में गुमसुम बैठे रहे। इस दौरान उन्हें नहीं बुलाया गया। हालांकि पौन घंटे बाद कृषि महोत्सव की तैयारियों को लेकर की जा रही आवश्यक चर्चा के कारण कलेक्टर ने अपने स्टाफ को भेजकर अफसरों को मीटिंग हॉल में बुलवाया। यह पहला मौका है, जब मीटिंग में देरी से आने पर अफसरों को इस तरह से बाहर बैठने की सजा दी गई है। अब तक सिर्फ अफसर मीटिंग में देरी से आया करते थे बल्कि कई बार बिना सूचना के मीटिंग से नदारद होने से भी उन्हें फिकर नहीं थी।

सहायक आयुक्त सहकारिता गए लंबी छुट्टी पर

दोसप्ताह पूर्व हुई टीएल मीटिंग में कलेक्टर की ओर से फटकार लगाए जाने के बाद सहायक आयुक्त सहकारिता पुष्पेंद्र सिंह दोबारा कलेक्टोरेट नहीं पहुंचे। उन्हें मलेरिया होने की बात कहकर मीटिंग में अब उनके अधीनस्थ शिरकत कर रहे हैं। प्रशासनिक सू