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पीएचई के स्टोर से इंजीनियरों ने बेच दिया तीन करोड़ का सामान, उपयंत्री सस्पेंड
Áविधायक केसवाल पर पीएचई मंत्री ने स्वीकारा घपला, उपयंत्री को किया निलंबित
Áविधायकबोले-सहायक यंत्री के खिलाफ भी होना चाहिए कार्रवाई
भास्करसंवाददाता|श्योपुर
लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) के स्टोर में रखी करीब तीन करोड़ रुपए का सामान स्टोर इंचार्ज और आला अफसर मिलकर डकार गए। तीन साल पुराने इस मामले में विभाग ने एफआईआर तो दर्ज कराई, लेकिन एक भी अफसर के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। बीते रोज इस घपले के मसले पर विधानसभा में हंगामा हुआ। श्योपुर विधायक दुर्गालाल विजय के सवाल पर पीएचई मंत्री कुसुम मेहदेले ने सिर्फ सामान को बेचना स्वीकारा बल्कि प्रारंभिक तौर पर दोषी पाए गए उपयंत्री राजेंद्र सिंह को निलंबित करने की घोषणा की। हालांकि विधायक मामले में सहायक यंत्री जीपी अहिरवार के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई पर अड़े रहे। मंत्री ने कहा कि कलेक्टर से मामले की जांच कराई जा रही है। यदि वे भी दोषी पाए जाएंगे तो उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होगी।
घोटाले के कारण कई योजनाओं का काम लटका
पीएचईविभाग के स्टोर में अंजाम दिए गए तीन करोड़ के गबन के फेर में गुजरे तीन साल से ग्राम पंचायतों में स्वीकृत कई काम अटक गए हैं। इनमे बीआरजीएफ योजना के हैंडपंप खनन भी शामिल हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि बीआरजीएफ मद से स्कूलों मे हैंडपंप खनन किए जाने थे, लेकिन सामान बिकने के बाद यह काम नहीं हो सके। इसी प्रकार पीएचई विभाग के नए हैंडपंप खनन एवं अधूरी नलजल योजनाओं के लिए भी नए सिरे से सामान खरीदने की मांग की गई है।
नलजल योजनाओं में लगाकर सामान को बेचकर डकार गए
वर्ष2011-12 में श्योपुर स्थित पीएचई के स्टोर में रखी करीब तीन करोड़ रुपए का सामान गायब हो गया। स्टोर इंचार्ज उपयंत्री राजेंद्र सिंह ने विभाग के आला अफसरों से मिलकर यह सामान नलजल योजनाओं और हैंडपंप आदि के लिए देने की बजाय बेच दिया। जब सामान ग्राम पंचायतों के लिए नहीं भेजा गया तो इस घपले की पोल खुली। अंत में विभाग के तात्कालीन कार्यपालन यंत्री एन आर गोडिया ने स्टोर इंचार्ज उपयंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। करीब एक साल पहले विधायक दुर्गालाल विजय ने विधानसभा में सवाल पूछा था। इसके बाद विभाग ने उपयंत्री राजेंद्र सिंह को शिवपुरी अटैच कर जांच कलेक्टर को सौंप दी थी।
विधायक ने फिर सवाल दागा तो की उपयंत्री को सस्पेंड करने की घोषणा
विधायकदुर्गाल