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कृषि मंडी में व्यापारियों ने किया बोली का बहिष्कार, उपज बिकने से किसान परेशान
ट्रक यूनियन द्वारा माल भाड़े में बढ़ोतरी तथा बाहरी ट्रकों में भी माल लोड नहीं करने देने के विरोध में गल्ला व्यापारियों ने शुरू की हड़ताल।
भास्करसंवाददाता|श्योपुर
ट्रकयूनियन की कथित मनमानी के विरोध में व्यापार मंडल के बैनर तले आंदोलित गल्ला व्यापारियों ने सोमवार को कृषि उपज मंडी में नीलामी बोली का बहिष्कार किया। हालांकि व्यापार मंडल ने शनिवार को ही 15 सितंबर से कृषि मंडी बंद रखने की घोषणा कर दी थी। लेकिन इसकी सूचना गांवों तक नहीं पहुंचने के कारण आधा सैकड़ा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अपनी उपज लेकर किसान मंडी पहुंच गए। लेकिन कोई भी व्यापारी माल खरीदने मंडी में नहीं आए। मंडी में खरीदी बंद होने से परेशान किसानों ने मंडी प्रशासन से बोली शुरू कराने के लिए काफी मिन्नतें की। लेकिन किसानों की गुहार बेअसर साबित हुई। आखिरकार कई किसान माल लेकर वापस घरों को लौट गए। वहीं बड़ी संख्या में किसान माल बिकने की उम्मीद में शाम तक मंडी प्रांगण में डटे रहे।
उपजनहीं बिकने से दुविधा में किसान: किसानोंको इस समय खेतों में खड़ी धान की फसल में खरपतवार नियंत्रण, कीटनाशक दवा का छिड़काव और खाद देने के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। साथ ही रबी की मुख्य फसल सरसों की बोवनी के लिए भी खाद बीज का बंदोबस्त करना है। यही वजह है कि वर्तमान में अधिकांश कृषि जिंसों के भावों में मंदी के बावजूद भी किसान अपना माल बेचने को विवश हो रहे हैं। लेकिन सोमवार को मंडी में खरीदी नहीं होने से किसानों की दुविधा बढ़ गई है।
बोले किसान-फसल नहीं बिकने से लगी हजारों रुपए की चपत
ग्रामदांतरदा के किसान धर्मेन्द्र मीणा का कहना है कि धान की फसल में कचरा नष्ट करने के काम में लगाए गए श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान करना है। साथ ही धान में यूरिया खाद देने के लिए इस समय पैसों की सख्त जरूरत है। इस कारण अभी भाव में मंदी के बावजूद हम गेहूं बेचने के लिए मंडी में लाए है। लेकिन कोई भी व्यापारी मंडी में माल खरीदने नहीं आए हैं। इससे ट्रैक्टर भाड़ा के रूप मेंं दो हजार रुपए की चपत लग गई है। दिनभर खराब हुआ सो अलग है। वहीं ग्राम मैवाड़ा के किसान मुकेश मीणा ने बताया कि मंडी में व्यापारियों की हड़ताल के बारे मेंं हमें कोई जानकारी नहीं मिली थी। खेत में सरसों की बोवनी के लिए बीज और डीएपी खाद लेना है। व्यापारियों और ट्रक यूनियन की लड़ाई में किसान पिस र