पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • ढाई साल बाद हटी रोक, शहर में फिर शुरू हुए प्लॉट के नामांतरण

ढाई साल बाद हटी रोक, शहर में फिर शुरू हुए प्लॉट के नामांतरण

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अपनी-अपनी तारीफ की

करीब 5 हजार भूखंड के नामांतरण केस अटके हुए हैं शहर में

भास्करसंवाददाता|श्योपुर

शहरकस्बों में प्लाॅट के नामांतरण पर लगी रोक जिला प्रशासन ने हटा दी है। करीब ढाई साल से नामांतरण पर रोक लगी थी। इससे जमीन के खरीददार और प्रोपर्टी ब्रोकर्स काफी परेशान थे।

इस सिलसिले में भाजपा विधायक दुर्गालाल विजय ने एक सप्ताह पहले भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्व मंत्री रामपाल सिंह प्रभारी मंत्री लाल सिंह आर्य से मुलाकात कर अफसरों के रवैये की शिकायत की थी। यही कारण है कि बुधवार को प्रशासन ने नामांतरण कराने पर लगी रोक हटा दी। इससे नामांतरण होना शुरू हो गए हैंं। इसके लिए प्रोपर्टी ब्रोकर्स ने विधायक दुर्गालाल के निवास पर पहुंचकर उन्हें धन्यवाद दिया। चंबल आयुक्त ने ढाई साल पहले श्योपुर, भिंड, मुरैना के कलेक्टर को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया था कि शहर, कस्बे और शहर से जुड़ीं कृषि भूमि में बन रहीं अवैध कॉलोनियों में आवासीय और व्यावसायिक भूखंड के नामांतरण की जांच की जाए और ऐसे नामांतरण रोके जाएं। इस आदेश के बाद तत्कालीन कलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदारों को पत्र लिखकर नामांतरण पर रोक लगा दी थी।

3 पांच हजार से अधिक रजिस्ट्री ऐसी हैं, जो हो चुकी हैं। इनका नामांतरण होते ही जमीनों का उपयोग हो सकेगा।

2 प्लाॅट नामांतरण होने से प्लाट के क्रय-विक्रय का कारोबार तेजी पकड़ेगा। इस कारण जमीन के दाम भी बढ़ जाएंगे।

1 शहर में प्लॉट का नामांतरण होने से नगरपालिका की ओर से मकान निर्माण की अनुमति आसानी से मिल जाएगी।

टारगेट पूरा करने में छूट रहा था पसीना

इसवित्तीय वर्ष के लिए स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग को 15 करोड़ का टारगेट मिला है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में सिर्फ दो माह शेष हैं। लेकिन नामांतरण पर रोग लगी होने के कारण टारगेट पूरा होना तो छोड़िए आधा भी नहीं हो सका है। विभाग को लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 7 करोड़ का ही लक्ष्य मिल पाया है। उप पंजीयक एसकेएस चौहान का कहना है कि नामांतरण पर रोक लगने से टारगेट काफी हद तक पूरा होने की उम्मीद है। इसलिए कि अब रजिस्ट्री के कारोबार मेें तेजी आएगी।

इस पहल के लिए किया धन्यवाद

भाजपाविधायक दुर्गालाल विजय ने प्लाट के नामांतरण पर लगी रोक के संबंध में स्थानीय स्तर पर पहल करने के बाद यह मामला भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सहित राजस्व मंत्री आदि के समक्ष रखा था। विधायक की मुलाकात के एक सप्ताह बाद ही प्रशासन ने नामांतरण से रोक हटा दी। यही कारण है कि अब जमीन के खरीददार लोग और प्रोपर्टी का कारोबार कर रहे ब्रोकर्स के चेहरे खिल उठे हैं। बुधवार को कई प्रोपर्टी ब्रोकर्स ने विधायक को उनके निवास पर पहुंचकर नामांतरण पर लगी रोक हटाने की पहल करने के लिए धन्यवाद दिया।

अब हम अपने प्लॉट का उपयोग कर सकेंगे

^हमनेतीन साल पहले एक प्लाट बायपास रोड पर खरीदा था। नामांतरण पर रोक लगी होने के चलते मकान नहीं बना पाए। लेकिन अब रोक हटने पर नामांतरण करा रहे हैं। जिससे प्लॉट का उपयोग कर सकेंगे। ओमप्रकाशमीणा, निवासी, श्योपुर

बोले विधायक- रोजाना लोग शिकायत लेकर रहे थे

^मेरेपास कई लोग रोजाना यह शिकायत लेकर रहे थे कि प्लॉट खरीद चुके हैं, लेकिन नामांतरण पर रोक लगी होने से मकान नहीं बना रहे। नामांतरण पर रोक लगाने का अफसरों का फैसला ठीक नहीं था। यह मामला मुझे मुुख्यमंत्री, राजस्व मंत्री के समक्ष रखना पड़ा। जिसके बाद नामांतरण पर रोक हटाने का फैसला लिया गया है। दुर्गालालविजय, भाजपा विधायक, श्योपुर

रोक को हमने हटा लिया है

^शहरकस्बों में प्लाॅट के नामांतरण पर लगी रोक को हमने हटा लिया है। अब हम कई दिनों से अटके पांच हजार प्लॉट के नामांतरण के प्रकरणों को निपटा रहे हैं। नए मामलों में भी शीघ्र ही नामांतरण जारी करेंगे। इस बीच हमारी कॉलोनाइजर्स पर सख्ती जारी रहेगी। प्रदीपशर्मा, तहसीलदार, श्योपुर

शहर के बायपास रोड पर स्थित प्लॉट, जिनका रूका है नामांतरण। (फाइल फोटो।)