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नक्शे में नहीं चढ़ पाए गांव, स्वीकृति के लिए अटकीं 40 किमी की 10 सड़कें

5 वर्ष पहले
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सड़कें स्वीकृत हों, तब बनेगी डीपीआर
संबंधित गांव के ग्रामीण अपने लिए सड़कों सुविधा का सपना संजोए बैठे हैं। सड़क की स्वीकृति का इंतजार है। स्वीकृति मिलने के बाद ही डीपीआर बनाकर लागत निकाली जा सकेगी। इन सड़कों की मंजूरी के लिए पुन: प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन केंद्र शासन स्तर पर ध्यान नहीं देने से मंजूरी नहीं मिल पा रही है। वहीं जिले में अभी तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांवों को जोड़ने के लिए 612 किमी की सड़कों का निर्माण कराया जा चुका है, जबकि वर्तमान में 218 किमी की सड़कें बनाने का काम जारी है। कुल 857 किमी की सड़कें जिले में मंजूर हुईं हैं। 10 गांवों के लिए 40 किमी की सड़कें स्वीकृत होने से 12 हजार से अधिक गांव वालों को आवागमन में सुविधा होगी।

पीएम ग्राम सड़क योजना के तहत 2001 में गांवों को चुना गया था

भास्कर संवाददाता | श्योपुर

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत श्योपुर जिले में 40 किमी की 10 सड़कों को मंजूरी नहीं मिल पा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी द्वारा शुरू की गई सड़क योजना में गांवों को चुना गया था। सिर्फ नक्शे में नहीं चढ़ पाने के कारण गांव सड़क निर्माण से छूट गए हैं। इन सड़कों को मंजूरी दिलाने के लिए जुलाई 2014 में जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में अनुमोदन के बाद प्रस्ताव केंद्र शासन को भेजा जा चुका है, लेकिन इन गांवों में सड़कों की सैद्धांतिक स्वीकृति केंद्र शासन से नहीं मिल पा रही है। स्वीकृति के बाद ही इन सड़कों का निर्माण कराया जा सकेगा।

10 गांवों की 12 हजार से अधिक की आबादी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लाभ से वंचित हो रही है। जबकि क्षेत्र से पहले सांसद रह चुके और वर्तमान में केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के होने के बाद भी सड़क निर्माण की स्वीकृति के लिए फाइल अटकी है। यहां बता दें कि इन गांवों को 2001 की जनगणना के आधार पर सड़क बनाने के लिए चुना गया था। उस समय नक्शे में गांव दर्ज नहीं हो पाने की वजह से सड़क निर्माण की स्वीकृति नहीं मिल सकी है।

श्योपुर ब्लॉक के ये मार्ग व गांव शामिल

कंवरसली गोहेड़ा से फतेहपुर, हासिलपुर रोड से बगदरी, पाली कुहांजापुर रोड से दलारनाखुर्द, दांतरदा हीरापुर से टोंगनी, विजयपुर ब्लॉक में धोबनी गढ़ी से बड़ौदाकलां, हासिलपुर ढोढर से टर्राखुर्द, हासिलपुर ढोढर से चांदुपुरा, कराहल ब्लॉक में, गोरस श्यामपुर रोड से सिमरोनिया, मायापुर से शाहपुरा, काली तलाई से निमोदा मठ आिद शामिल है।

जनता और मरीजों को प्रतिदिन होती है परेशानी
सड़क न बन पाने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। सबसे अधिक परेशानी मरीजों को अस्पताल ले जाने के दौरान होती है। रामसिंह मीणा, सरपंच, ग्राम पंचायत दांतरदा

हमने प्रस्ताव केंद्र शासन को भेज दिया है

जिले में 40 किमी की सड़कें त्रुटिवश पूर्व में छूट गईं थीं। 10 गांवों को योजना से जोड़ने के लिए पुन: प्रस्ताव बनाकर केन्द्र शासन को भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद इन गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ दिया जाएगा। आरके जैन, जीएम, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जिला श्योपुर

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