कहीं कांटे की तो कहीं बड़ी जीत
परिणाम जानने हाईवे पर लगा रहा लोगों का तांता
भास्करसंवाददाता|श्योपुर
त्रिस्तरीयपंचायत चुनाव के दूसरे अंतिम चरण की मतगणना सोमवार को संपन्न हुई। कराहल के उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में देर रात तक चली मतगणना में सभी 49 पंचायतों के नतीजे सामने गए। कई ग्राम पंचायतों में प्रत्याशियों के बीच मुकाबला कांटे का रहा। आवदा में तो महज तीन वोट से मोनाबाई सरपंच चुन ली गईं। इसी प्रकार ग्राम पंचायत पिपरानी में पांच वोटों के अंतर से चंदरीबाई को सरपंच चुन लिया गया। वहीं कराहल ग्राम पंचायत से नंदकिशोर उर्फ पप्पू आदिवासी को सर्वाधिक 600 मतों से जीत मिली।
आवदा ग्राम पंचायत के संघर्ष पूर्ण मुकाबले में मोनाबाई ने रमेश आदिवासी को 3 वोटों से हराया। इनके बीच एक बार तो री-काउंटिंग कराई गई। इसके बाद मोनाबाई को सरपंच चुन लिया गया। पिपरानी ग्राम पंचायत में भी सरपंच पद के नतीजे चौंकाने वाले रहे। यहां चंदरीबाई ने विलासीबाई को महज 5 वोटों से अंतर से हराया। ग्राम पंचायत लहरौनी में हार जीत का फैसला 16 वोटों से हुआ। यहां लक्ष्मीबाई सरपंच चुनीं गईं।
दोचरणों में हुई वोटों की गिनती: कराहलविकास खंड की 49 ग्राम पंचायतों के सरपंच और पंच पदों के लिए वोटों की गिनती सुबह 8 बजे अपर कलेक्टर एचपी वर्मा की मौजूदगी में शुरू की गई। देर शाम तक चली मतगणना दो चरणों में पूरी हुई। पहले दौर में 23 पंचायतों की गणना की गई।
प्रत्याशियों के एजेंटों को मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए लंबी कतार में खड़े रहकर कई घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सुरक्षाकर्मियों ने प्रत्येक व्यक्ति की चेंकिंग की। मोबाइल, बीड़ी सिगरेट, गुटखा आदि सामान बाहर ही रखवा दिए गए।
नतीजे जानने के लिए हाईवे पर लगी ग्रामीणों की भीड़
चुनावपरिणाम जानने के लिए सुबह 6 बजे से ही क्षेत्रभर से लोगों ने कराहल पहुंचना शुरू कर दिया। मतगणना स्थल शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के सामने दिनभर लोगों का भारी जमावड़ा रहा। हाईवे पर भीड़भाड़ के कारण कई बार जाम की स्थिति बनी।
किस पंचायत से कौन बना सरपंच
ग्रामपंचायत मेहरबानी से देवकिशन आदिवासी, करियादेह से कमली पटेरिया, मालीपुरा से बादामी बाई, सलमान्या से मूड़ीबाई आदिवासी, सरजूपुरा से स्वरूप आदिवासी, फतेहपुर से सुरेश आदिवासी, लुहारी से धनराज आदिवासी, सेमल्दा से मलखान आदिवासी, रानीपुरा से प्रमोद आदिवासी, हीरापुरा से देवीराम आदिवासी, पहेला से रामसिंह आदिवासी, निमानिया से लक्ष्मीबाई, बगवाज श्रीलाल आदिवासी, झरेर से गंगाबाई, मयापुर से बीरबल, बरगंवा से रमेश, संूसवाड़ा से धोड़ाबाई, आवदा से मोनाबाई, गोरस से बिसनीबाई, ढेंगदा से किस्सू आदिवासी,कलमी-ककरधा से रामदयाल आदिवासी, बुखारी से प्रीतम आदिवासी, पर्तवाड़ा से बाबूलाल आदिवासी, मदनपुर से लखन आदिवासी, भेलाभीमलत से रामहेती आदिवासी, डोब से रामवीर आदिवासी, पनवाड़ा से बीरू भील, बांसेड़ से रमेश आदिवासी, मोरावन से प्रहलाद, खिरखिरी से गजरीबाई, चितारा से बल्लू आदिवासी, बंधाली से रामनाथी बाई, पिपरानी से चंदरीबाई, बर्धा से रमेश, बुढ़ेरा से संधोबाई, जाखदा से केसरा आदिवासी, गोठरा से रामदयाल, रींछी से कनुवा आदिवासी, सेसईपुरा से भुजबल, झिरन्या से रमेश आदिवासी, सिलपुरी से बेस्ता पटेलिया, लहरौनी से लक्ष्मीबाई, कैलोर से मोहिनी बाई, गढ़ला से चंद्रसिंह सरपंच चुने गए हैं।
विजयी प्रत्याशी को माला पहनाते और कंधे पर उठाते लोग।