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डाक बंगला व दो कॉलोनियों का मेंटेनेंस नहीं होगा, प्रशासन को हैंडओवर होंगे

4 वर्ष पहले
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मेंटेनेंस के लिए सरकार ने 10 साल से नहीं दिया बजट, जर्जर हो गया बंगला

भास्कर संवाददाता | बड़ौदा (श्योपुर)

नगर के बीचों बीच जल संसाधन विभाग का डाक बंगला 8 बीघा में फैला है। मौजूदा समय में इसकी कीमत 15 करोड़ से अधिक है। वहीं क्षेत्र के बड़ौदिया बिंदी और श्रीपुरा में बनीं चंबल कॉलोनियों भी 500 बीघा में फैली हैं। तीनों को मिलाकर 30 करोड़ से अधिक की संपत्ति जल संसाधन विभाग द्वारा शासन को वापस लौटाई जा रहीं हैं। सबसे महत्वपूर्ण डाक बंगला है।

बड़ौदा में 15 साल पूर्व तक यह बंगला विशेष विशेषता रखना था। लेकिन देखरेख के अभाव में यह खंडहरनुमा दिखाई देने लगा है। शेष जमीन में झाडियां उग आईं हैं।

बड़ौदा में 1958 में बना था डाक बंगला
चंबल दाहिनी नहर के निर्माण की शुरूआत बड़ौदा क्षेत्र से की गई थी। साल 1958 में बड़ौदा में यह डाक बंगला बनाया गया था। श्रीपुरा में और बड़ौदियाबिंदी गांव के पास 250-250 बीघा जमीन में कॉलोनियां बनाईं थीं। जिसमें नहर का काम करने वाले मजदूर व अन्य अधिकारी-कर्मचारी रहते थे। काम पूरा होने के बाद कॉलोनियां वीरान हो गईं। इनकी उपयोगिता नहीं रही है। इसलिए इन्हे भी वापस लौटाया जा रहा है।

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